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मिजोरम के स्वास्थ्य मंत्री ने कहा- असम चिकित्सा आपूर्ति लेकर आ रहे वाहनों की आवाजाही बाधित कर रहा है

 Written By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Aug 01, 2021 09:39 pm IST,  Updated : Aug 01, 2021 09:39 pm IST

मिजोरम के स्वास्थ्य मंत्री आर लालथांगलियाना ने रविवार को दावा किया कि सीमा विवाद के बाद बराक घाटी में चलाए जा रहे नाकेबंदी अभियान के जरिये असम, मिजोरम के लिए आने वाले कोविड-19 जांच किट समेत अन्य चिकित्सा आपूर्ति को बाधित कर रहा है।

असम-मिजोरम सीमा विवाद- India TV Hindi
असम-मिजोरम सीमा विवाद Image Source : ANI FILE PHOTO

आइजोल। मिजोरम के स्वास्थ्य मंत्री आर लालथांगलियाना ने रविवार को दावा किया कि सीमा विवाद के बाद बराक घाटी में चलाए जा रहे नाकेबंदी अभियान के जरिये असम, मिजोरम के लिए आने वाले कोविड-19 जांच किट समेत अन्य चिकित्सा आपूर्ति को बाधित कर रहा है। असम ने हालांकि कहा कि प्रदेश में कोई भी संगठन फिलहाल किसी तरह की नाकेबंदी नहीं कर रहा है। मिजोरम फिलहाल कोविड-19 की दूसरी लहर से जूझ रहा है और वह देश के कुछ सबसे प्रभावित राज्यों में से एक है।

लालथंगलियाना ने आरोप लगाया कि असम के कछार जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग- 306 पर जांच किट और दवाओं जैसी कोविड-19 संबंधी चिकित्सा सामग्री लेकर आ रहे वाहन फंसे हुए हैं। लालथंगलियाना ने कहा कि, “हमारी सूचना के मुताबिक, असम में राज्य प्रायोजित आर्थिक नाकेबंदी लगाई गई है। आवश्यक सामान और जीवन रक्षक दवाओं की खेप लेकर आ रहे वाहन असम के धोलाई-लैलापुर इलाके में फंसे हुए हैं। हम वाहनों की आवाजाही पुन: शुरू कराने के लिये एक बार फिर केंद्र से संपर्क करेंगे।”

बता दें कि, मिजोरम-असम सीमा पर 26 जुलाई को हुए सशस्त्र संघर्ष में असम पुलिस के छह जवानों समेत सात लोगों की मौत हो गई थी जबकि कई अन्य घायल हो गए थे। इसबीच, मिजोरम के मुख्य सचिव लालनुनमवाई चुआंगो ने कहा कि राज्य सरकार को केंद्र पर पूरा भरोसा है और हम गृह मंत्रालय को एक और पत्र भेजेंगे तथा असम से वाहनों की आवाजाही तत्काल शुरू कराने के लिए दखल की मांग करेंगे।

मुख्य सचिव के मुताबिक, चारों तरफ से जमीन से घिरे मिजोरम में 95 प्रतिशत आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति असम के रास्ते राष्ट्रीय राजमार्ग-306 के जरिये होती है जो प्रदेश की जीवन रेखा है। मिजोरम के गृह विभाग ने 28 जुलाई और 30 जुलाई के बीच तीन दिनों में केंद्रीय गृह मंत्रालय को दो बार पत्र लिखकर बराक घाटी के लोगों द्वारा कथित तौर पर की गई आर्थिक नाकेबंदी को हटाने और असम में कथित तौर पर उपद्रवियों द्वारा रेलवे लाइन को तीन जगहों पर किए गए नुकसान को दुरुस्त कराने का अनुरोध किया है।

कोलासिब के पुलिस अधीक्षक (एसपी) वनलालफाका ने रविवार को कहा कि सुरक्षा बलों के वाहनों को छोड़कर कोई दूसरा वाहन सीमा विवाद के बाद असम से मिजोरम नहीं आया है। पुलिस अधिकारी ने दावा किया कि मिजोरम की तरफ से वाहनों की आवाजाही पर कोई पाबंदी नहीं है और कुछ वाहन रोज असम जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि रविवार को कम से कम 70 वाहन असम के लिये रवाना हुए।

उन्होंने कहा कि, “हम यह सुनिश्चित करने के लिये प्रयास कर रहे हैं कि गैर जनजातीय लोगों के वाहन सुगमता से असम जाएं। मिजोरम का कोई नागरिक किसी तरह की समस्या नहीं खड़ी कर रहा और लोग इस बात से सहमत हैं कि यह कोई सांप्रदायिक मुद्दा नहीं बल्कि दो राज्यों के बीच सीमा विवाद है।” उन्होंने बताया कि सीमा पर केंद्रीय पुलिस बलों की तैनाती और गश्त के बाद अंतरराज्यीय सीमा पर स्थिति शांत बनी हुई है। मिजोरम केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन ने हाल में राज्य के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर असम से आपूर्ति बहाल करवाने में मदद की मांग की थी।

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