नई दिल्ली: संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद् (UNHRC) का नियमित 43वां सत्र जारी है। यह सत्र 24 फरवरी को शुरू हुआ था जो 20 मार्च 2020 तक चलेगा। UNHRC के इस सत्र में अतिका अहमद फारुकी भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। सत्र के दौरान वह दुनिया को बताएंगी कि मानवाधिकारों के प्रति भारत कितना संवेदनशील है और अपनी सीमाओं में इसे कितनी तरजीह देता है। वह 27 फरवरी से तीन मार्च के बीच UNHRC को संबोधित करेंगी।
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UNHRC में भारत का प्रतिनिधित्व करने को लेकर आतिका अहमद फारुकी ने कहा कि "ये मेरे लिए जिंदगी का सबसे गौरवान्वित पल है। हर भारतीय चाहता है कि वह किसी ना किसी स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करे और आज मेरे जीवन में ये पल आया है। मेरे लिए इससे बड़ी बात और कोई नहीं हो सकती।" बता दें कि अतिका अहमद फारुकी 27 फरवरी से तीन मार्च के दौरान UNHRC को संबोधित करेंगी। वह मूल रूप से लखनऊ की रहने वाली हैं।
बता दें कि संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 15 मार्च 2006 को प्रस्ताव 60/251 द्वारा मानवाधिकार परिषद् (UNHRC) बनाई गई थी। इसका पहला सत्र 19 से 30 जून 2006 तक हुआ था। एक साल बाद, परिषद ने अपने काम को निर्देशित करने के लिए अपना "इंस्टीट्यूशन-बिल्डिंग पैकेज" अपनाया और अपनी प्रक्रियाओं और तंत्रों को स्थापित किया। संयुक्त राष्ट्र महासभा की यह परिषद् दुनिया में मानवाधिकारों की सुरक्षा पर नजर रखती है।