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मुंबई में ऑटोरिक्शा की हड़ताल, जनजीवन प्रभावित

 Written By: IANS
 Published : Jun 17, 2015 11:23 am IST,  Updated : Jun 17, 2015 11:25 am IST

मुंबई: मुंबई में बुधवार को ऑटोरिक्शा की हड़ताल का जनजीवन पर बुरा असर पड़ा है। शहर में लाखों यात्रियों, कामकाजी लोगों और छात्रों को दिक्कतों का सामना कर पड़ रहा है। मुंबई, ठाणे और नवी

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मुंबई में ऑटोरिक्शा की हड़ताल, जनजीवन प्रभावित

मुंबई: मुंबई में बुधवार को ऑटोरिक्शा की हड़ताल का जनजीवन पर बुरा असर पड़ा है। शहर में लाखों यात्रियों, कामकाजी लोगों और छात्रों को दिक्कतों का सामना कर पड़ रहा है। मुंबई, ठाणे और नवी मुंबई में रेडियो टैक्सी बंद कराने और सामाजिक कल्याणकारी योजनाएं शुरू करने की मांग को लेकर ऑटोरिक्शा चालकों ने हड़ताल कर दी है।

इससे पहले मंगलवार को नितेश राणे की अगुवाई में टैक्सी चालकों के संघ ने हड़ताल कर दी थी, जिससे यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा था।

मुंबई में बुधवार को ऑटोरिक्शा की हड़ताल के कारण लोगों को नजदीकी रेलवे स्टेशन की तरफ पैदल जाते और भीड़ भरी बेस्ट (बृहन्नमुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग) की बसों का इंतजार करते देखा गया। वहीं, कुछ लोग दुपहिया एवं निजी वाहनों से भी कार्यालय जाते देखे गए।

शहर के कई हिस्सों में बारिश और ऑटोरिक्शा की हड़ताल के कारण लोग हवाईअड्डे और रेलवे टर्मिनलों पर फंसे रहे।

रेडियो टैक्सी एवं निजी टैक्सी सेवा बंद कराने की मांग को लेकर की गई हड़ताल में हालांकि शिवसेना और टैक्सी चालकों का संघ शामिल नहीं है।

मुंबई ऑटोरिक्शा संघ के प्रमुख शशांक राव ने कहा कि जनता की इस परेशानी के लिए सरकार जिम्मेदार है और अब यह ऑटोरिक्शा चालकों की जीविका का मुद्दा बन गया है।

राव ने संवाददाताओं से कहा, "निजी टैक्सी, पर्यटक वाहन और कॉल सेंटर की कार सवारी लाने-ले जाने का काम करते हैं, इससे हमारा काम और हमारी आय प्रभावित हो रही है। इसके अतिरिक्त ओला एवं उबर कार सेवाएं अपने अधिकारक्षेत्र से बाहर काम करती हैं और इसका खामियाजा हमें भुगतना पड़ रहा है।"

उन्होंने कहा कि सरकार उनकी मांगें नहीं मानती है, तो वे भविष्य में अपना आंदोलन तेज करेंगे।

परिवहन मंत्री दिवाकर रावते ने कहा कि सरकार उनकी मांगों पर गौर कर रही है।

ऑटोरिक्शॉ चालकों की यह भी मांग है कि उनके लिए सामाजिक कल्याणकारी परियोजनाएं लाई जाएं और उन्हें 'लोक सेवक' का दर्जा दिया जाए। साथ ही लंबित सूची वाले चालकों को जल्द से जल्द रिक्शा परमिट जारी किया जाए।

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