नई दिल्ली: इस साल 3 मई को हुए ऑल इंडिया प्री मेडिकल टेस्ट पर आज सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला देते हुए दोबारा एग्जाम कराने के आदेश दिए हैं। गौरतलब है 3 मई को इस परीक्षा के दौरान हरियाणा के रोहतक में पेपर लीक करते कुछ लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
अगले चार हफ्तों में होगी परीक्षा-
कोर्ट ने अगले चार हफ्तों में दोबारा चुनाव कराने का आदेश दिया है। आपको बता दें 8 जून को सु्प्रीम कोर्ट ने AIPMT परीक्षा का परिणाम घोषित करने पर रोक लगा दी थी।
कितने परीक्षार्थियों पर असर-
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद अब करीब 6.30 लाख परीक्षार्थियों को दोबारा एग्जाम देना पड़ेगा।
किसने किया था परीक्षा को रद्द करने का अनुरोध-
सीबीएसई की ओर से सालीसिटर जनरल रंजीत कुमार ने इस परीक्षा को रद्द करने का अनुरोध किया था। करीब 44 छात्रों को गलत तरीके से लाभ पहुंचाने का खामियाजा अब उन लाखों बच्चों को भुगतना पड़ेगा जिन्होंने बड़े जतन से परीक्षा की तैयारी कर प्रश्नपत्र हल किया था।
कैसे हुई नकल-
AIPMT परीक्षा में पास कराने और सेलेक्शन कराने का दावा करने वाला रैकेट मोबाइल फोन के जरिए नकल करवाता था। पड़ताल में पता चला है कि महज 44 छात्रों को फायदा पहुंचाने के लिए 358 मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया गया था।
अनुचित लाभ लेने वाले परीक्षार्थियों की संख्या निश्चित नहीं-
जांच दल ने पाया कि जिन परीक्षार्थियों को गलत तरीके से नकल कराई गई है उनकी संख्या अभी निश्चित रुप से नहीं कही जा सकती है।
परीक्षा की पारदर्शिता पर साख-
सालीसिटर जनरल ने कहा कि यह परीक्षा कराने में सात महीने की लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ा था, ऐसे में यकायक एक महीने के भीतर फिर से परीक्षा कराना आसान काम नहीं है। वहीं अब इस मुश्किल परीक्षा की पारदर्शिता पर भी सवाल खडे होने लगे हैं।