बुलंदशहर: केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा ने कहा कि उनकी सरकार अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है लेकिन वह या तो उच्चतम न्यायालय के फैसले का इंतजार करेगी या मंदिर निर्माण पर परस्पर सहमति पर पहुंचेगी। शर्मा ने कहा कि राम मंदिर का यथाशीघ्र निर्माण देश के लोगों का सपना है।
उन्होंने यहां एक समारोह में कहा BJP और सरकार इस मुद्दे पर पहले ही अपना मत दे चुकी है। हम राम मंदिर बनाना चाहते हैं लेकिन या तो हम उच्चतम न्यायालय के आदेश का पालन करेंगे या फिर मंदिर निर्माण के बारे में आम सहमति बनाएंगे। इसलिए इसमें समय लग रहा है। शर्मा ने कहा भाजपा राम मंदिर निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है और देश के लोग भी चाहते हैं कि राम मंदिर की स्थापना की जानी चाहिए। लेकिन यह मुद्दा अदालत में लंबित है।
अपनी टिप्पणियों से विवाद उठने पर शर्मा ने बाद में कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेता इस मुद्दे पर फैसला करेंगे। उन्होंने कहा जब तक कोई आदेश जारी होता है या परस्पर सहमति बनती है तब तक भाजपा यथास्थिति बनाए रखेगी और मैं इस विषय पर बोलने के लिए अधिकृत नहीं हूं। हमारे वरिष्ठ पार्टी नेता या सरकार फैसला करेंगे। मंत्री ने यह भी कहा कि अयोध्या में एक भव्य संग्रहालय निर्मित किया जा रहा है। उन्होंने कहा अयोध्या में एक भव्य संग्रहालय निर्मित किया जा रहा है। केंद्र ने 170 करोड़ रूपये की लागत से रामवन गमन पथ परियोजना को मंजूरी दे दी है जो राम के आदर्शों को बताएगी।