1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. #Budget2016: वित्त मंत्री कैसे पेश करते हैं बजट, जानिए क्या क्या होता है उस दिन

#Budget2016: वित्त मंत्री कैसे पेश करते हैं बजट, जानिए क्या क्या होता है उस दिन

 Written By: India TV News Desk
 Published : Feb 19, 2016 06:05 pm IST,  Updated : Feb 19, 2016 06:57 pm IST

संसद का बजट सत्र फरवरी के तीसरे हफ्ते से शुरु होकर मई तक चलता है। आम बजट इसी महीने पेश किया जाता है। बजट के तैयार होने, उसके छपने और फिर सदन में उसके पेश किए जाने तक एक पूरी लंबी प्रक्रिया होती है।

Budget 2016- India TV Hindi
Budget 2016

नई दिल्ली: संसद का बजट सत्र फरवरी के तीसरे हफ्ते से शुरु होकर मई तक चलता है। आम बजट इसी महीने पेश किया जाता है। बजट के तैयार होने, उसके छपने और फिर सदन में उसके पेश किए जाने तक एक पूरी लंबी प्रक्रिया होती है। हम अपनी बजट सीरीज की कड़ी में आपको बताएंगे कि आखिर बजट की प्रस्तुति कैसे की जाती है। तो जानिए फरवरी के अंतिम कार्यदिवस पर किस तरह पेश किया जाता है आम बजट।

ऐसे पेश होता है बजट:  

जैसा कि राष्ट्रपति सरकार का सबसे अहम हिस्सा होता है इसलिए बजट के दौरान राष्ट्रपति की मंजूरी भी सबसे खास मानी जाती है। बजट पेश करने की भी एक प्रक्रिया होती है जिसे फॉलो करना होता है।

यूनियन कैबिनेट के सामने रखा जाता है बजट:

बजट को दोनों सदनों के सामने रखे जाने से पहले उसे यूनियन कैबिनेट के समक्ष रखा जाता है। देश के वित्त मंत्री सुबह 11 बजे बजट पेश करते हैं। आम बजट भी दो भागों में होता है। पहला हिस्सा सामान्य सर्वे एवं नीतियो का ब्यौरा और दूसरे हिस्से में वित्तीय वर्ष के लिए डॉयरेक्ट और इनडॉयरेक्ट टैक्स के प्रस्ताव रखे जाते हैं।

संसद में होती है बहस:

बजट का सबसे खास हिस्सा उसमें पेश किए जाने वाले प्रपोजल होते हैं जिन पर लंबी चौड़ी बहसें होती है। यह बहस दो से चार दिन तक चलती है। इसी प्रक्रिया में वित्त वर्ष के शुरुआती महीनों में खर्चे की राशि के लिए सरकार वोट ऑन अकाउंट करवाना चाहती है।

राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद पूरी होती है प्रक्रिया:

संसद में स्थायी समितियां होती हैं जिनका गठन विशेष मामलों के आधार पर होता है। ये समितियां संसद से अनुदान की मांग करती हैं। जिस दिन सदन में बहस का आखिरी दिन होता है तब सभी बकाया अनुदानों की मांग पर वोटिंग कराई जाती है। लोकसभा में पहले बहस होती है और फिर विनियोग विधेयक पर वोटिंग के साथ साथ ही वित्त और धन विधेयक पर वोटिंग कराई जाती है। संसद जब एक बार मंजूरी दे देती है तो उसके करीब 75 दिनों बाद इसे राष्ट्रपति के पास भेजा जाता है। विधेयक पर जब राष्ट्रपति एक बार मंजूरी दे देता है तो बजट प्रक्रिया पूरी हो जाती है।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत