नई दिल्ली: India का बजट फरवरी महीने में पेश किया जाता है, इसके लिए एक निश्चित दिन और समय तय होता है। भारत का बजट दिन के काफी सालों से दिन के 11 बजे पेश किया जा रहा है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि कुछ सालों पहले भारत का बजट शाम को पांच बजे पेश होता था। केंद्रीय बजट के शाम के पेश होने के पीछे भी एक खास वजह थी। आज हम आपको अपनी बजट सीरीज में यही खास वजह बताने की कोशिश करेंगे कि आखिर जिस देश की संसद सुबह से शुरु हो जाती है वहां बजट शाम को पांच बजे क्यों पेश होता था।
क्या थी वजह:
साल 1927 से अंग्रेजों ने भी भारतीय संसद में बैठना शुरु कर दिया था। जब पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर से इस बारे में किसी ने पूछा गया कि देश का बजट शाम को पांच बजे क्यों आता है जबकि संसद तो 10 बजे से चलने लगती है। इस पर उन्होंने कहा था कि यह अंग्रेजों के जमाने का नियम है। जब भारत में शाम के पांच बजते हैं तो लंदन में सुबह के साढ़े ग्यारह बज रहे होते हैं। लंदन के हाउस ऑफ कॉमन्स और हाउस ऑफ लॉर्डस में बैठे सांसदों को भारत का भाषण सुनना होता था इसलिए हिंदुस्तान का बजट शाम को पांच बजे पेश होता था।
देश में संविधान लागू होने के 50 साल बाद NDA सरकार ने इस परंपरा को तोड़ा। साल 2001 से देश के वित्त मंत्री केंद्रीय बजट को दिन के 11 बजे पेश करने लगे। यशवंत सिन्हा देश के पहले वित्त मंत्री थे जिन्होंने दिन के 11 बजे केंद्रीय बजट पेश किया। हालांकि भारत के बजट को शाम पांच बजे पेश किए जाने की एक वजह यह भी बताई जाती है कि इस वक्त ही ब्रिटेन के बाजार खुला करते थे।