तिरुअनंतपुरम: केरल के मुख्यमंत्री ओमान चांडी ने बुधवार को कहा कि उन्हें नहीं मालूम कि क्यों उन्हें उस कार्यक्रम का निमंत्रण दिया गया जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिस्सा लिया और फिर क्यों इस निमंत्रण को वापस ले लिया गया। मोदी ने कोल्लम में मंगलवार को पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस नेता दिवंगत आर. शंकर की प्रतिमा का अनावरण किया था। इस कार्यक्रम का आयोजन हिंदू एझवा नेता वेल्लापल्ली नटेसन ने किया था।
मोदी को भेजे एक पत्र में चांडी ने लिखा, "आयोजकों ने कहा कि यह एक निजी समारोह है और यह उनका अधिकार है कि वे किसे बुलाएं और किसे न बुलाएं।" चांडी ने लिखा, "मैं इससे पूरी तरह सहमत हूं। लेकिन मुझे न्योता देने के बाद, मेरा नाम कार्यक्रम के ताम्रपत्र में देने के बाद नटेसन को अज्ञात कारणों से निमंत्रण को वापस लेने पर बाध्य होना पड़ा।"
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को भेजे पत्र में लिखा है, "भाजपा को छोड़कर सभी राजनैतिक दलों ने इसे केरल के लोगों का अपमान बताया। आम तौर से मैं विवादों से दूर रहता हूं और यह आश्चर्यजनक है कि प्रधानमंत्री कार्यालय ने विवादों को खत्म करने के लिए दखल नहीं दिया। मैं आपसे जानना चाहता हूं कि आपकी प्रतिक्रिया क्या होती अगर आपके साथ गुजरात का मुख्यमंत्री रहने के दौरान ऐसा ही सलूक होता?"
जल्दी में बुलाए गए संवाददाता सम्मेलन में राज्य के सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री के.सी.जोसफ ने कहा कि बीते हफ्ते प्रधानमंत्री कार्यालय से चांडी को फोन आया था और उनसे पूछा गया था कि क्या वह समारोह में शामिल होंगे। जोसफ ने नटेसन से आग्रह किया कि वही सामने आकर खुद बताएं कि चांडी को समारोह से क्यों दूर रखा गया।