भोपाल: दवाओं की ऑनलाइन शॉपिंग के विरोध में दवा विक्रेता देश भर में हड़ताल पर हैं। इसका असर मध्य प्रदेश में भी नजर आया। सभी जगह दवा दुकानें बंद हैं, जबकि प्रदेश सरकार ने आम लोगों के लिए दवा की उपलब्धता बनाए रखने के इंतजाम किए हैं।
केंद्र सरकार द्वारा दवाओं की ऑनलाइन शॉपिंग को बढ़ावा दिए जाने के खिलाफ दवा कारोबारियों में काफी गुस्सा देखा जा रहा है। उनका आरोप है कि इससे एक तरफ उनका कारोबार चौपट हो जाएगा, वहीं दूसरी ओर ऑनलाइन बिक्री के कारोबार से दवाओं की आपूर्ति पर सरकार का कोई नियंत्रण नहीं रहेगा।
सरकार की इस कोशिश के खिलाफ देशभर के दवा कारोबारी बुधवार को हड़ताल पर हैं। मध्य प्रदेश में भी इस हड़ताल का असर देखा जा रहा है। हड़ताल के कारण मरीजों को दवा के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
भोपाल केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष ललित जैन ने दवाओं की ऑनलाइन बिक्री से सरकार का दवाओं की आपूर्ति पर किसी भी तरह का नियंत्रण न रहने की आशंका जताई है।
राज्य में 20 हजार से ज्यादा दवा दुकानें हैं, जिनमें अधिकांश में ताले लटके हुए हैं। प्रदेश के सबसे बड़े इंदौर का दवा बाजार पूरी तरह बंद है। इसी तरह भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर से लेकर राज्य के कस्बाई इलाकों तक की दवा दुकानें बंद हैं।
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने केमिस्ट एसोसिएशन की हड़ताल के मद्देनजर रोगियों के हित में जरूरी व्यवस्था की है। विभागीय अधिकारियों ने एसोसिएशन से संपर्क कर तय किया है कि बड़े निजी अस्पताल परिसर में संचालित दवा की दुकानें खुली रहेंगी। इन दुकानों पर रोगियों को दवाएं मिल सकेंगी। मध्य प्रदेश के प्रत्येक जिले के लिए ऐसी व्यवस्था की गई है।