नई दिल्ली: पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि डीडीसीए प्रकरण में वित्त मंत्री अरूण जेटली को कथित तौर पर घेरे जाने के प्रयास से कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को जोड़ना अनुचित है तथा उन्होंने नेशनल हेराल्ड मामले में मोदी सरकार पर गलत उद्देश्यों से काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि डीडीसीए के मामले में सीरियस फ्रॉड्स इन्वेस्टीगेशन ऑफिस (एसएफआईओ) की जांच की सिफारिश तत्कालीन खेल मंत्री अजय माकन ने कुछ शिकायतें मिलने के आधार पर की थी।
चिदंबरम ने कहा, मुझे अजय माकन ने बताया कि जब वह खेल मंत्री थे तब कुछ शिकायतें मिली थीं और उन शिकायतों को एसएफआईओ के पास भेज दिया गया था। वह एक अखबार को जेटली की ओर से दिए गए साक्षात्कार पर प्रतिक्रिया दे रहे थे जिसमें वित्त मंत्री ने आरोप लगाया है कि संप्रग शासन के समय भाजपा के एक सांसद सोनिया गांधी से मिले थे और उन्होंने कहा था कि वे जेटली को घेरेंगे। जेटली ने इस भाजपा सांसद का नाम नहीं लिया, लेकिन अखबार का कहना है कि यह सांसद कीर्ति आजाद हैं जो लंबे समय से डीडीसीए में कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम चला रहे हैं।
भाजपा और मोदी सरकार पर बदले की राजनीति करने के कांग्रेस के आरोप को लेकर चिदंबरम ने कहा कि अगर नेशनल हेराल्ड मामले में सुब्रमण्यम स्वामी की शिकायत व्यक्तिगत स्तर पर थी तो फिर सरकार को यह कहना चाहिए था कि हम पूरी तरह तटस्थ हैं और जो कुछ इस शिकायत पर होता है उससे हम पूरी तरह अलग हैं। भाजपा नेताओं और मंत्रियों को इस मामले पर बोलना नहीं चाहिए था।