नई दिल्ली: पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने ललित मोदी को यात्रा दस्तावेज दिलाने में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के मदद करने पर उठे विवाद के मद्देनजर इस विषय पर ब्रिटिश सरकार को लिखे गए पत्रों को आज सार्वजनिक करने की मांग की।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने ट्वीट किया, पारदर्शिता के लिए भारत सरकार को उन पत्रों को सार्वजनिक करना चाहिए जो ललित मोदी के मामले में ब्रिटेन के चांसलर को लिखे गए थे। दो साल पहले तत्कालीन वित्त मंत्री के रूप में चिदंबरम ने ब्रिटिश सरकार से पूछा था कि वह आईपीएल के पूर्व प्रमुख ललित मोदी के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं कर रही है जो लंदन में शरण लिये हुए हैं। ललित मोदी पर धन शोधन समेत कई तरह की वित्तीय अनियमितता के आरोप हैं।
चिदंबरम ने इस विषय को चासंलर आफ एक्सचेकर जार्ज ओसबोर्न के साथ 2013 में बैठक के दौरान उठाया था। वह चाहते थे कि मोदी को भारत वापस भेजा जाए क्योंकि मोदी का पासपोर्ट जब्त कर लिया गया था और ब्रिटेन की वीजा की अवधि समाप्त हो गई थी।