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धनुण-बाण के साथ स्कूल चलें हम? जानिए क्या है इसके पीछे की मजबूरी

 Edited By: India TV News Desk
 Published : Nov 12, 2018 12:54 pm IST,  Updated : Nov 12, 2018 12:56 pm IST

झारखंड में नक्सल प्रभावित चाकुलिया इलाके के पोचापानी गांव में बच्चों को स्कूल जाते समय अपनी किताबों के साथ धनुष और बाण साथ में लेकर चलना पड़ता है

 Children's in Jharkhand go to school wit bow and arrow - India TV Hindi
 Children's in Jharkhand go to school wit bow and arrow 

नई दिल्ली। देश के आदिवासी बहुल राज्य झारखंड से कुछ ऐसी तस्वीरें सामने आई हैं जिनसे साफ होता है कि आदिवासी इलाकों में नक्सली बच्चों को पढ़ाई तक को रुकवाना चाहते हैं। झारखंड में नक्सल प्रभावित चाकुलिया इलाके के पोचापानी गांव में बच्चों को स्कूल जाते समय अपनी किताबों के साथ धनुष और बाण साथ में लेकर चलना पड़ता है।

 Children's in Jharkhand go to school wit bow and arrow
 Children's in Jharkhand go to school wit bow and arrow 

स्थानीय लोगों का कहना है कि बच्चे अपनी सुरक्षा के लिए धनुष और बाण साथ लेकर चलते हैं, बच्चों को स्कूल जाते समय ऐसे क्षेत्रों से होकर गुजरना पड़ता है जहां भारी संख्या में नक्सलियों को देखा गया है। कहने को तो नक्सलियों ने जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए हथियार उठा रखे हैं लेकिन हकीकत ये है कि वह आदिवासी इलाकों में बच्चों को शिक्षा से वंचित कर रहे हैं।

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