1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. भारत से आमने-सामने बाद अब चीन को जापान ने घेरा, दी वॉर्निंग

भारत से आमने-सामने बाद अब चीन को जापान ने घेरा, दी वॉर्निंग

 Reported By: IANS
 Published : Jun 22, 2020 04:41 pm IST,  Updated : Jun 22, 2020 04:41 pm IST

चीनी सैनिकों द्वारा एलएसी के पास लद्दाख की गलवान घाटी में भारतीय जवानों पर किए गए हिंसक हमले के एक सप्ताह बाद, जापान ने एक द्वीप श्रंखला के पूर्ण एकीकरण की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसपर चीन की लंबे समय से नजर रही है।

Xi Jinping- India TV Hindi
Xi Jinping Image Source : FILE PHOTO

नई दिल्ली/टोक्यो: चीनी सैनिकों द्वारा वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के पास लद्दाख की गलवान घाटी में भारतीय जवानों पर किए गए हिंसक हमले के एक सप्ताह बाद, जापान ने एक द्वीप श्रंखला के पूर्ण एकीकरण की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसपर चीन की लंबे समय से नजर रही है। ओकिनावा प्रान्त में इशिगाकी नगर परिषद ने एक विधेयक को मंजूरी दे दी है, जो टोक्यो के दक्षिण-पश्चिम में 1,931 किलोमीटर दूर सेनकाकस नामक निर्जन द्वीप समूह पर जापान के नियंत्रण को मजबूत करता है।

हालांकि चीन इन द्वीप समूह को दियाओयुस नाम से पुकारता है, जिन पर 1972 से जापान का नियंत्रण है और उन्हें जापान द्वारा ही प्रशासित किया जा रहा है, लेकिन उनकी कानूनी स्थिति अब तक कुछ विवादित रही है। नगर परिषद द्वारा विधेयक पारित किए जाने से पहले, बीजिंग ने द्वीप श्रंखला की यथास्थिति में किसी भी बदलाव के खिलाफ टोक्यो को चेतावनी दी थी।

चीन के विदेश मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि द्वीप समूह अंतर्निहित क्षेत्र हैं। बीजिंग ने जापान से 'चार-सिद्धांत सहमति' की भावना का पालन करने, दियाओयुस द्वीप मुद्दे पर नए घटनाक्रम से बचने और पूर्वी चीन सागर की स्थिति की स्थिरता को बनाए रखने के लिए व्यावहारिक कार्रवाई करने का आग्रह किया है। हालांकि जापान में नगर परिषद ने कहा कि विधेयक प्रशासनिक प्रक्रियाओं की दक्षता में सुधार करने के लिए आवश्यक है।

अप्रैल के बाद से चीनी जहाजों को जापानी तट रक्षक द्वारा सेनकाकस के करीब पानी में देखा गया था। चीनी जहाजों की संख्या पिछले कुछ हफ्तों में बढ़ी है, जिनमें से चार जहाज तो उस दिन भी देखे गए थे, जब क्षेत्र में नगर परिषद द्वारा बिल पारित किया गया था।

जापान के कैबिनेट सचिव ने पिछले हफ्ते दोहराया कि सेनकाकस टोक्यो के नियंत्रण में है और यह क्षेत्र निर्विवाद रूप से ऐतिहासिक और अंतर्राष्ट्रीय कानून के तहत जापान का है। उन्होंने चीन को चेतावनी देते हुए कहा, यह बेहद गंभीर है कि ये गतिविधियां जारी हैं। हम चीनी पक्ष को दृढ़ता और शांति से जवाब देंगे।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत।