नई दिल्ली: राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने अपनी समन्वय बैठक में एक बार फिर से राम मंदिर के लिए अपनी प्रतिद्धता को जताया है। हालांकि संघ ने इस बार मोदी सरकार को सीधे तौर पर निशाने में नहीं लिया क्योंकि उसका मानना है कि चूंकि यह मामला अदालत में है लिहाजा सरकार इसपर सरकार कोई उचित कदम उठाने की कोशिश करेगी। इस बैठक के बाद संघ नेता दत्तात्रेय होसाबले ने साफ किया कि बैठक सरकार को दिशा-निर्देश देने के लिए बिल्कुल भी नहीं थी।
तीन मुद्दों पर हुई बात
आरएसएस नेता दत्तात्रेय होसाबले ने इस बैठक में जोर देकर कहा कि हमें अपने पड़ोसी देशों से मधुर संबंध बनाने चाहिए। मतभेदों को भुलाना चाहिए क्योंकि पाकिस्तान और बांग्लादेश में अपने लोग ही रह रहे हैं।
इस मीटिंग में यह बात की गई कि पश्चिमी मॉडल की विफलता के बाद हमें अपना खुद का आर्थिक मॉडल विकसित करना चाहिए। RSS मोदी सरकार को रिमोट से चलाता है कांग्रेस पार्टी को ऐसा कहने का हक नहीं है।
बैठक में क्या क्या हुआ-
- आर्थिक क्षेत्र में भारतीय चिंतन और विकास पर चर्चा।
- देश की एकता और सुरक्षा पर बातचीत।
- आर्थिक क्षेत्र में पश्चिम के कई मॉडल फेल, अपने मॉडल पर बात।
- देश के हालात पर चर्चा।
- आंतरिक सुरक्षा और आतंकवाद पर चर्चा।
- शिक्षा का भारतीयकरण और निजीकरण साथ हो।
- गांव में सुविधाओं को बढाने पर जोर इस पर चर्चा।
- गरीबी, पिछड़ो के लिए आज काम करने की जरुरत।
- पर्यावरण और विकास का संतुलन बनाए रखना होगा।
- संस्कार के साथ शिक्षा जरुरी।
- कांग्रेस पर आरएसएस का पलटवार।
- रिमोटकंट्रोल से सरकार चलाने वाले सवाल जवाब ना करें।
- राम मंदिर के लिए हम प्रतिबद्ध।
- रामजन्म भूमि पर ही मंदिर बने।