नई दिल्ली: दुष्कर्म के मामलों में सख्ती अपनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम आदेश में कहा है कि, रेप के मामलों में पीडि़ता और आरोपी के बीच कोई समझौता नहीं हो सकता। न्यायालय ने साफ कहा है कि पीडि़त-आरोपी के बीच शादी के लिए ऐसा समझौता करना 'बड़ी गलती' और पूरी तरह से 'अवैध' है।
तमिलनाडु की एक अदालत द्वारा रेप के दोषी और पीड़िता के बीच समझौता कराए जाने के मामले के एक दिन बाद सुप्रीम कोर्ट ने यह नाराज रुख़ दिखाया।
साथ ही उच्चतम न्यायालय ने दुष्कर्म के मामलों में अदालतों के नरम रुख़ को भी गलत ठहराया और इसे महिलाओं की गरिमा के खिलाफ बताया।