लुधियाना: पंजाब को हिंसा और नफरत की आग में जलाने की साजिश का पर्दाफाश हुआ है। पवित्र गुरूग्रंथ साहिब का अपमान कराकर इस साजिश को अंजाम देने की कोशिश की गई और हथियार गरीब लोगों को बनाया गया लेकिन इससे पहले की नफरत की चिंगारी से पूरा पंजाब जलता पुलिस ने इस साजिश का पर्दाफाश कर दिया। पुलिस के मुताबिक दुबई और ऑस्ट्रेलिया में रची गई थी पंजाब में आग लगाने की साजिश।
बठिंडा, लुधियान, जालंधर और अमृतसर समेत तमाम शहरों में लोग गुरु ग्रंथ साहिब के अपमान के विरोध में सड़कों पर उतर आए। कई शहरों में पथराव हुआ, आगजनी और रास्ते जाम किए गए। हिंसा के बाद पंजाब के कई शहरों में अर्द्धसैनिक बलों को तैनात कर दिया गया है जो शहर में फ्लैग मार्च कर रहे हैं ताकि लोगों को अमन और शांति की बहाली का विश्वास दिलाया जा सके।
मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने मामले की जांच के लिए SIT बनाई थी जिसमें चौंकाने वाली बात सामने आई है। पता चला है कि पंजाब के फरीदकोट के गांव में रहने वाले दो भाईयों रुपिंदर सिंह और जसविंदर सिंह को दुबई और ऑस्ट्रेलिया से फोन किया गया, उन्हें पैसे का लालच दिया गया और पवित्र गुरु ग्रंथ साहब के अपमान का काम सौंपा गया।
पंजाब पुलिस ने दावा किया है कि, दुबई और ऑस्ट्रेलिया में पंजाब को जलाने का प्लान बनाया गया था। पुलिस के मुताबिक, 'पंजाब के गांव में रहने वाले ग़रीब लोगों को फ़ोन किया गया था। उन्हें पैसे का लालच दिया गया और पैसे के बदले पवित्र गुरू ग्रंथ साहिब का अपमान करने के लिए कहा गया। इस संबंध में पुलिस ने फ़रीदकोट से दो भाइयों रुपिंदर सिंह और जसविंदर सिंह को गिरफ़्तार किया है, उन्हें दुबई और ऑस्ट्रेलिया से फ़ोन करके पैसों का लालच दिया गया था।'
दोनों भाईयों ने पैसों के लालच में इस विदेशी साजिश को बखूबी अंजाम दिया है। इन दोनों भाईयों के बीच हुई बातचीत को पुलिस ने रिकॉर्ड किया और पुख्ता सबूत मिलने के बाद इन्हें गिरफ्तार कर लिया है। पंजाब पुलिस की तरफ से दोनों आरोपी भाइयों का एक ऑडियो भी जारी किया गया है। पुलिस के मुताबिक दोनों भाईयों के बीच टेलीफोन पर हुई बातचीत में पता चला है कि, पवित्र ग्रंथ के अपमान की बात मानी है। खुद पुलिस की तरफ से इन लोगों की बातचीत पढ़कर भी सुनाई गई है।
पिछले दस दिन से लगातार पंजाब में गुरू ग्रन्थ साहिब के अपमान की खबरें आ रही थीं। उसकी वजह से कई शहरों में हिंसा और आगजनी की घटनाएं हो रही थी। पवित्र ग्रंथ के अपमान से नाराज होकर लोग सड़कों पर उतर आए थे। ऐसे में पंजाब सरकार के सामने सबसे बड़ा सवाल यही था कि आखिर ये सब कौन कर रहा है?