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धर्म के नाम पर खिंची तलवारें कहीं ऊं का विरोध तो कहीं कुरान पर बैन की मांग

 Written By: India TV News Desk
 Published : Jun 21, 2015 08:04 pm IST,  Updated : Jun 22, 2015 09:07 am IST

जयपुर: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने को लेकर कुछ हलकों में विरोध के बीच विहिप के अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष डॉ प्रवीण तोगडि़या ने आज कहा कि यह कभी धर्मनिरपेक्ष नहीं था और यह वैदिक और सनातन

कल योग दिवस देश समेत पूरी दुनिया में धूमधाम से संपन्न हो गया, लेकिन एक बार फिर से योग ने धर्म को लेकर एक दूसरे के सामने तलवारें खींच दीं। जहां एक ओर इंडियन मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के जफरयाब गिलानी ने योग के दौरान ऊं के उच्चारण पर आपत्ति जताई तो कहीं विवादित बयान देने वाली साध्वी प्राची ने कुरान पर प्रतिबंध की मांग कर डाली।  

क्या कहा जिलानी ने-

जिलानी ने कहा, “भले ही योग दिवस को लेकर दुनिया खुशी मना रही हो लेकिन मैं आज बेहद दुखी हूं, क्योंकि एक सरकारी कार्यक्रम में ऊं का उच्चारण किया गया। यह देश की धार्मिक स्वतंत्रता के खिलाफ है और संविधान के खिलाफ भी। मुझे इस बात से मतलब नहीं है कि दुनिया के 193 देशों के 250 शहरों में योग किया। मैं योग नहीं करता, लेकिन अगर योग से मंत्र और सूर्य नमस्कार जैसी चीजें हटा दी जाएं तो मुझे कोई आपत्ति नहीं है।”

साध्वी ने कहा कुरान हो बैन-
साध्वी प्राची ने योग को लेकर हो रही राजनीति पर विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा, “जो लोग योग, वेद और गीता और ओम का विरोध कर रहे है वे इंसानियत और मानवता का विरोध कर रहे है, ओम नाम  परमात्मा का है और इसका विरोध क्यों। यह मुस्लिमों की फितरत है की जो भी हिन्दू धर्म  में किया जाएगा वे उसका विरोध ही करेंगे। ओम शब्द में पूरा ब्रह्माण्ड है और अगर इसको हटा दिया जाएगा तो योग की भावना ही खत्म हो जाएगी। मुस्लिम समाज को ज्ञान नहीं है उनको शास्त्रों का अध्यन्न करना चाहिए और मात्र विरोध करने के नाम पर ही योग का विरोध न करे। उलेमाओं को योग के नाम पर राजनीति नहीं करनी चाहिए।

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