नई दिल्ली: हिन्दू धर्म में गाय को देवी और माँ का दर्ज़ा दिया गया है। गाय की पूजा से जहां धार्मिक आस्था जुड़ी हुई वहीं उसे प्रतिदिन रोटी खिलाने से जुड़ा है भावनात्मक लगाव।
लेकिन यही गाय अक़्सर हिंदू-मुस्लिम दंगो की भी वजह बन जाती है। फ़िरक़ापरस्त ताक़ते ये अफ़वाह उड़ाते रहती हैं कि इस्लाम में गौमांस खाने की इजाज़त है लेकिन सच्चाई इससे एकदम विपरीत है। इस्लाम कभी भी गौ-हत्या की इजाजत नहीं देता। कुरआन-ऐ-पाक में इसका उल्लेख मिलता है।
दिलचस्प बात ये है कि भारत में मुस्लिम शासन के दौरान कभी भी गौ-हत्या को लेकर हिन्दू और मुसलमानों में टकराव का वाकया देखने को नहीं मिलता।
भारत में गौ-हत्या को बढ़ावा देने में अंग्रेजों ने अहम भूमिका निभाई। जब सन् 1700 ई. में अंग्रेज़ भारत में व्यापारी बनकर आए थे, उस वक्त तक यहां गाय का वध नहीं किया जाता था।
अगले स्लाइड में कुछ हदीसों का जिक्र है, जिनसे ये बात साफ हो जाती है कि कुरान या किसी हदीस में ये नहीं कहा गया है कि आप गौ-हत्या करें, बल्कि ऐसा करने से रोका गया है...........