नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के एक क्रिकेट टूर्नामेंट में 16 टीमों ने हिस्सा लिया। खास बात ये है कि इनमें से तीन टीमों के नाम हिज्बुल मुजाहिदीन के कमांडर्स - बुरहान लायंस, आबिद खान कलंदर्स और खालिद आर्यन्स - के नाम पर रखे गए थे। इन तीन टीमों के नाम हिज्बुल आतंकियों के नाम पर रखे गए थे। यह टूर्नामेंट दो महीने तक त्राल में चला और यह पिछले रविवार को ही खत्म हुआ है।
यह प्रतियोगिता हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर बुरहान मुजफ्फर वानी के भाई खालिद की याद में आयोजित की गई। खालिद पिछले साल पुलवामा के जंगलों में मारा गया था। सेना का कहना था कि खालिद आतंकी था और मुठभेड़ में वह मारा गया।
बुरहान लॉयंस हिजबुल कमांडर बुरहान वानी के नाम पर रखा गया। उसके पिता हैडमास्टर है और वह 2010 में हिजबुल से जुड़ गया था। अब वह कश्मीर में आतंकवाद का सबसे मशहूर चेहरा है। आबिद खान कलंदर्स टीम हिजबुल के मारे गए आतंकी आबिद खान के नाम पर बनाई गई। आबिद खान 2014 में मुठभेड़ में मारा गया था। वहीं खालिद आर्यन्स बुरहान के भाई के नाम पर बनाई गई। खालिद आर्यन्स ने ही रविवार को यूनाइटेड इलेवन ऑफ त्राल को हराकर यह टूर्नामेंट जीता।
एक ऑर्गनाइजर का कहना है कि यह पहली बार है जब टीमों के नाम आतंकियों के नाम पर रखे गए और 22 फरवरी को ओपनिंग सेरेमनी में कश्मीर की आजादी के नारे भी लगे। फाइनल में खालिद के पिता को चीफ गेस्ट के तौर पर इनवाइट किया गया था।
इस ऑर्गनाइजर का कहना है कि आतंकियों के नाम पर टीमों के नाम रखना अब यहां जैसे नॉर्मल बात होती जा रही है। वैसे तो इस टूर्नामेंट को अप्रैल के दूसरे हफ्ते में ही खत्म होना था लेकिन हंदवाड़ा की घटना के बाद इसमें देर हो गई।