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पीएम मोदी ने गज चक्रवात में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति व्यक्त की संवेदना, अबतक 20 लोगों की मौत

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Nov 16, 2018 07:47 am IST,  Updated : Nov 16, 2018 11:49 pm IST

इससे पहले भारतीय मौसम विभाग ने रात सात बजकर 50 मिनट पर एक बुलेटिन में कहा था कि तूफान का बाहरी असर पहले ही तट पर पहुंच गया है और तमिलनाडु के तटीय इलाकों में बारिश शुरू हो गई है।

Cyclone Gaja Live Updates: Storm makes landfall in Tamil Nadu- India TV Hindi
Cyclone Gaja Live Updates: Storm makes landfall in Tamil Nadu

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि गज चक्रवात के चलते तमिलनाडु के प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता पहुंचाने के लिए अधिकारी काम कर रहे हैं। मोदी ने ट्वीट कर कहा कि तमिलनाडु के विभिन्न हिस्सों में चक्रवाती स्थितियों के कारण जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति मेरी संवेदना है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि विनाश के बाद लोगों को राहत पहुंचाने के लिए अधिकारी काम कर रहे हैं। चक्रवात गज ने नगापत्तिनम में आज सुबह तड़के प्रवेश किया जिससे पेड़ उखड़ गये और बिजली के तार गिर पड़े। चक्रवात के कारण तटवर्ती जिलों में व्यापक तबाही हुई तथा 20 लोगों की जान गई। साथ ही बाढ़ का पानी फसलों में घुस गया। चक्रवात के दौरान 120 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चल रही थीं।

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अधिकारियों के अनुसार तूफान से संबंधित घटनाओं में दस पुरुष और तीन महिलाओं की मौत हो गयी। 28 मवेशी बह गये। अधिकारियों ने करीब 81,948 लोगों को कुड्डलूर, नागपट्टिनम, रामनाथपुरम, तंजावुर, पुडुकोट्टई और तिरुवरुर जिलों के 471 राहत केंद्रों में पहुंचाया। तूफान से नागपट्टिनम जिले के वेलनकन्नी में 16वीं सदी का बेसीलिका चर्च तबाह हो गया।

लोगों की मौत पर दुख जताते हुए मुख्यमंत्री पलानीस्वामी ने मृतकों के परिजनों के लिए 10-10 लाख रुपये और घायलों को 25 हजार से एक लाख रुपये देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने अधिकारियों को आदेश दिया है कि तूफान की वजह से फसलों, मछली पकड़ने की नौकाओं, घरों और मवेशियों को होने वाले नुकसान के बारे में तत्काल पता लगाएं।

लोगों की जान जाने के अलावा 1471 झोपड़ियां आंशिक रूप से तबाह हो गयीं और 216 पूरी तरह ध्वस्त हो गयीं। इन जिलों में 4987 पेड़ जड़ से उखड़ गये। किसान नेता पी आर पांडियान ने पीटीआई से कहा कि नारियल के लाखों पेड़ गिर गये। कई एकड़ में फैली धान की फसल बर्बाद हो गयी। उन्होंने किसानों को पर्याप्त मुआवजा देने की मांग की।

चक्रवातीय तूफान के तमिलनाडु पहुंचने पर नागपट्टिनम जिले में छह सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गयी वहीं कुड्डलूर जिले में नौ से 12 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गयी। तमिलनाडु राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, निचले इलाकों से 76,290 लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है। नागपट्टिनम के शिक्षण संस्थानों में अवकाश घोषित कर दिया गया है।

राजस्व मंत्री आर बी उदय कुमार ने संवाददाताओं से कहा कि सरकार ने सफलतापूर्वक हालात का सामना किया। उन्होंने कहा कि चुनौतीपूर्ण काम था लेकिन हमें विश्वास है कि हमने शत प्रतिशत सुरक्षित तरीके से इसका सामना किया। पड़ोसी पुडुचेरी में भी भारी बारिश और तेज हवाओं का प्रकोप है। मुख्यमंत्री वी नारायणसामी ने हालात की समीक्षा की।

जिला कलेक्टर विजय अभिजीत चौधरी ने कहा कि वनरापेट गांव की 70 वर्ष की एक महिला को उस समय सिर में चोट आई जब कल रात बारिश की चपेट में आने से उसके घर की दीवार गिर गयी।

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