मुंबई: मुंबई पर आतंकवादी हमले के प्रमुख षड़यंत्रकारी अबु जुंदल के वकील पाकिस्तानी मूल के अमेरिकी आतंकवादी डेविड हेडली से 22 मार्च से 25 मार्च चार दिन जिरह करेंगे।
गवाह बने हेडली इसी साल फरवरी में वीडियो संपर्क के माध्यम से एक हफ्ता तक पेश हुआ था जिसमें उसने भारत को निशाना बनाने में लश्कर ए तैयबा, आईएसआई और अल-कायदा की भूमिका और साजिशें उजागर की थी। न्यायाधीश जी. ए. सनप ने 22 फरवरी को निकम को निर्देश दिया था कि वह हेडली की दूसरे दौर की पेशी के लिए अमेरिकी प्रशासन से संपर्क और 25 फरवरी तक अदालत को सूचित करे जिसके बाद उसके बयान के लिए तारीखें तय की जाएंगी। इसके बाद, अबु जुंदल के वकील अब्दुल वहाब खान ने हेडली को मुंबई आतंकवादी हमले में वादा माफ गवाह बनाने पर एतराज जताते हुए एक आवेदन दाखिल करने के साथ ही हेडली से जिरह के लिए चार दिन भी मांगे थे।
हेडली की पेशी के अंतिम दिन अदालत ने भविष्य में किसी दिन अबु जुंदल के वकील के हाथों उसकी जिरह के लिए मामले को स्थगित कर दिया। आतंकवादी हमले के मामले में हेडली अमेरिका में 35 साल की जेल की सजा काट रहा है। उसने आठ फरवरी से शुरू हुई अपनी पेशी के दौरान कुछ चौंकाने वाले खुलासे किए थे। उसने बताया कि कैसे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई ने आतंकवादी संगठन लश्कर, जैश-ए-मोहम्मद और हिज्बुल मुजाहिदीन को वित्तीय, सैन्य और नैतिक समर्थन दिया था और कैसे लश्कर ने मुंबई पर आतंकवादी हमले की साजिश रची और कैसे उसे अंजाम दिया।