नई दिल्ली: DDCA मामले में अरुण जेटली के समर्थन में पूर्व क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग और गौतम गंभीर सामने आए हैं। वीरेंद्र सहवाग ने अरूण जेटली के बचाव में एक के बाद एक तीन ट्वीट करते हुए कहा कि, DDCA में दूसरे पदाधिकारियों से बात करना मुश्किल है लेकिन अरुण जेटली चौबीसो घंटे खिलाड़ियों के समस्या सुनने को तैयार रहते थे। सहवाग ने कहा है कि, "DDCA में दूसरे पदाधिकारियों से बात करना बहुत मुश्किल होता था, लेकिन खिलाड़ियों की समस्याओं को सुनने के लिए अरुण जेटली हमेशा तैयार रहते थे।
उनके मुताबिक अरुण जेटली खिलाड़ियों की समस्याएं सुनते ही फौरन उसे ठीक करते थे। उन्होंने कहा कि, जब भी मैं टीम में किसी खिलाड़ी के सरप्राइज सेलेक्शन के बारे में सुनता था तो तुरंत इसकी खबर जेटली जी को देता था और अरुण जेटली योग्य खिलाड़ी को मौका दिलवाते थे।"
पूरे मामले पर गौतम गंभीर ने कहा कि, DDCA में गड़बड़ियों को लेकर कुछ पूर्व खिलाड़ी जिस तरह अरुण जेटली पर आरोप लगा रहे हैं वो काफी दुखद है। गंभीर के मुताबिक जेटली जी की बदौलत इन पूर्व खिलाड़ियों को DDCA में अहम पद मिले थे और अब यही लोग जेटली पर आरोप लगा रहे हैं। अरुण जेटली ने बिना सरकारी खर्चे के कोटला स्टेडियम को इतना शानदार बनाया है।
क्या है मामला?
DDCA में भ्रष्टाचार को लेकर वित्त मंत्री अरुण जेटली के खिलाफ BJP सांसद कीर्ति आजाद ने आरोप लगाया है कि, जिस वक्त अरुण जेटली DDCA के अध्यक्ष थे तब 14 फर्जी कंपनियों को 87 करोड़ रुपए दिए गए। इससे पहले आम आदमी पार्टी ने भी जेटली पर संगीन आरोप लगाए थे। तब कीर्ति आजाद ने कहा था कि AAP ने सिर्फ 15 पर्सेंट बात सामने लाई है बाकि 85 फीसदी वो खुद सामने लाएंगे।