नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने आज पूरी तरह पलटी मारते हुए देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार की जमानत याचिका का विरोध किया और दिल्ली उच्च न्यायालय ने पुलिस से कहा कि वह उस मामले की जांच की स्थिति रिपोर्ट कल तक अदालत में दायर करे।
पिछले सप्ताह उच्चतम न्यायालय के निर्देश के अनुसार आज जब मामला उच्च न्यायालय में सुनवाई के लिए आया तो पुलिस का पक्ष रखते हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने न्यायाधीश प्रतिभा रानी को बताया कि वे कन्हैया की जमानत याचिका का विरोध कर रहे हैं।
दिल्ली के पुलिस आयुक्त बीएस बस्सी ने आज कन्हैया कुमार की जमानत याचिका का विरोध नहीं करने के अपने पहले के रूख से यूटर्न ले लिया और कहा कि यह परिस्थितियों में बदलाव के कारण हुआ है। बस्सी ने पहले कहा था कि पुलिस कन्हैया की जमानत का विरोध नहीं करेगी क्योंकि उसके जैसे एक नौजवान को दूसरा मौका मिलना चाहिए।
बहरहाल, उन्होंने आज अपने रूख में बदलाव को जायज ठहराते हुए कहा, जिन हालात में मैंने यह कहा था वे पूरी तरह बदल चुके हैं। बस्सी ने कहा कि कन्हैया ने उस वक्त अपनी ओर से पछतावे का परिचय दिया था जब उसने अदालत में पेश होने से पहले एक अपील जारी की थी हालांकि बाद उसने ऐसी कोई अपील जारी करने से इंकार किया था और कुछ ऐसे आरोप लगाए जो गलत थे।
उन्होंने कहा, हमें इस बात की वाजिब चिंता है कि अगर वह जमानत पर बाहर आता है तो वह जांच पर असर डालने वाला है और गवाहों को प्रभावित करने वाला है। वह ऐसी गतिविधियों में शामिल हो सकता है जो दंडीय कानूनों के विरूद्ध हैं। इसलिए हमने जमानत याचिका का विरोध किया है।
उधर, सुबह साढ़े 10 बजे न्यायाधीश प्रतिभा रानी के समक्ष सुनवाई शुरू होने पर पीठ ने कहा, क्या आप स्थिति रिपोर्ट दाखिल कर रहे हैं? यदि आपको पता था तो आपको ऐसा करना चाहिए था। तब पीठ ने कहा, स्थिति रिपोर्ट का क्या हुआ? यदि आपके पास स्थिति रिपोर्ट नहीं है तो मैं आगे कार्यवाही नहीं करूंगी। अपने जांच अधिकारी से रिपोर्ट दाखिल करने के लिए कहिए।