नयी दिल्ली: दिल्ली उच्च न्यायालय ने राष्ट्रीय राजधानी में डेंगू के बढते मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए इस बीमारी की रोकथाम के लिए उठाए गए कदमों के बारे में केंद्र और शहर की सरकार से आज जवाब मांगा। प्रमुख न्यायाधीश जी रोहिणी और न्यायमूर्ति जयंत नाथ की पीठ ने तीन नगर निगमों और नयी दिल्ली नगर पालिका परिषद :एनडीएमसी: से भी बीमारी की रोकथाम के लिए उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी देने को कहा है।
पीठ ने इसे एक गंभीर मामला बताते हुए केंद्र, दिल्ली सरकार, नगर निगमों और एनडीएमसी को नोटिस जारी करके 24 सितंबर से पहले अपना लघु शपथपत्र दायर करने को कहा है।
इस बीच अदालत ने उन अस्पतालों के निदेशकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश देने से परहेज किया जिन्होंने डेंगू से मरने वाले एक सात वर्षीय बच्चे का उपचार करने से कथित रूप से इनकार कर दिया था। उस बच्चे के माता - पिता ने भी बाद में आत्महत्या कर ली थी।
कानून की एक छात्रा गौरी ग्रोवर ने एक याचिका दायर करके प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिए जाने की मांग की है। याचिका में दावा किया गया है कि अस्पतालों की बेरखी के कारण बच्चे की मौत हो गई।