नई दिल्ली: मध्यप्रदेश विधानसभा सचिवालय भर्ती घोटाले में कांग्रेस महासचिव एवं प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को जमानत मिल गई है। भोपाल जिला अदालत ने उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए उन्हें जमानत दे दी है। गौरतलब है कि इससे पहले दिग्विजय सिंह शनिवार को भोपाल जिला अदालत में पेश हुए। सिंह शनिवार पूर्वाह्न यहां विशेष जिला एवं सत्र न्यायाधीश काशीनाथ सिंह की अदालत में अपने वकीलों के साथ पेश हुए। उनके साथ कई कांग्रेस नेता एवं उनके समर्थक मौजूद थे।
अदालत ने शुक्रवार को उस समय सिंह के खिलाफ गैर जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी किया था, जब वह इस मामले में पुलिस द्वारा दायर की गई 169 पृष्ठों की पूरक चार्जशीट पेश किए जाते वक्त सम्मन के बावजूद अदालत में उपस्थित नहीं हुए थे। सिंह के साथ अदालत में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरूण यादव, पूर्व केन्द्रीय मंत्री सुरेश पचौरी एवं उनके वकील विवके तन्खा मौजूद थे।
वह शनिवार सुबह लगभग साढ़े ग्यारह बजे अपने समर्थकों सहित अदालत पहुंचे थे। पुलिस द्वारा विधानसभा सचिवालय में कथित भर्ती घोटाले मामले में शुक्रवार को अदालत में पूरक चार्जशीट पेश किए जाते समय के. के. कौशल एवं ए. के. प्यासी सहित सात आरोपी मौजूद थे, जिन्हें तीस-तीस हजार रुपए के निजी मुचलके पर जमानत मिल गई थी। कौशल एवं प्यासी मध्यप्रदेश विधानसभा के पूर्व अधिकारी हैं।