
द रॉयल सोसाइटी ऑफ मेडीसिन की पत्रिका में छपी एक रिपोर्ट में कहा गया है कि गलत तरीके से दूध निकालने और उसे इकट्ठा करने के कारण ऑनलाइन बेचे जाने वाले 93 फीसदी इंसानी दूध में बैक्टीरिया पाया गया है।
इसलिए इस दूध से हेपिटाइटिस बी और सी, एचआईवी और सिफ़लिस जैसी बीमारियों के होने का अंदेशा होता है। जिन महिलाओं के स्तनों से पर्याप्त दूध नहीं उतरता उनके बच्चों के लिए दूध के इस कारोबार की शुरुआत की गई थी। बाद में इसके सेहत से जुड़े फ़ायदे को देखते हुए दूसरे लोग भी इसका इस्तेमाल करने लगे।