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मिजोरम में लगातार तीसरे दिन भूकंप, आज चम्फाई में हिली धरती

 Written By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Jun 24, 2020 08:57 am IST,  Updated : Jun 24, 2020 09:04 am IST

मिजोरम के चम्फाई में सुबह 8.02 बजे भूकंप के झटके महसूस हुए। यह जानकारी नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) ने दी।

मिजोरम के चम्फाई में भूकंप, 4.1 मापी गई तीव्रता- India TV Hindi
मिजोरम के चम्फाई में भूकंप, 4.1 मापी गई तीव्रता Image Source : PTI

चम्फाई: मिजोरम के चम्फाई में सुबह 8.02 बजे भूकंप के झटके महसूस हुए। यह जानकारी नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) ने दी। NCS ने बताया कि बुधवार सुबह 8.02 बजे मिजोरम के चम्फाई में 31 किलीमीटर दक्षिण, दक्षिण-पश्चिम में 4.1 तीव्रता की भूकंप आया। बता दें कि पिछले तीन दिनों में यह चौथा भूकंप है। इससे पहले 22 जून को एक और 23 जून को दो भूकंप आ चुके हैं।

लगातार तीसरे दिन भूकंप

  • 22 जून सुबह 4.10 बजे, मिजोरम के चम्फाई से 27 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में 5.5 तीव्रता का भूकंप आया, जिसका केंद्र जमीन के 20 किलोमीटर नीचे था।
  • 23 जून शाम 7.17  बजे, मिजोरम के थेंजावल से 39 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में 3.7 तीव्रता का भूकंप आया, जिसका केंद्र जमीन के 25 किलोमीटर नीचे था।
  • 23 जून शाम 11.30 बजे, मिजोरम के चम्फाई से 70 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में 3.2 तीव्रता का भूकंप आया, जिसका केंद्र जमीन के 10 किलोमीटर नीचे था।

रिक्टर स्केल और भूकंप की तीव्रता का संबंध? 

  • 0 से 1.9 रिक्टर स्केल पर भूकंप आने पर सिर्फ सीज्मोग्राफ से ही पता चलता है।
  • 2 से 2.9 रिक्टर स्केल पर भूकंप आने पर हल्का कंपन होता है।
  • 3 से 3.9 रिक्टर स्केल पर भूकंप आने पर कोई ट्रक आपके नजदीक से गुजर जाए, ऐसा असर होता है।
  • 4 से 4.9 रिक्टर स्केल पर भूकंप आने पर खिड़कियां टूट सकती हैं। दीवारों पर टंगी फ्रेम गिर सकती हैं।
  • 5 से 5.9 रिक्टर स्केल पर भूकंप आने पर फर्नीचर हिल सकता है।
  • 6 से 6.9 रिक्टर स्केल पर भूकंप आने पर इमारतों की नींव दरक सकती है। ऊपरी मंजिलों को नुकसान हो सकता है।
  • 7 से 7.9 रिक्टर स्केल पर भूकंप आने पर इमारतें गिर जाती हैं। जमीन के अंदर पाइप फट जाते हैं।
  • 8 से 8.9 रिक्टर स्केल पर भूकंप आने पर इमारतों सहित बड़े पुल भी गिर जाते हैं।
  • 9 और उससे ज्यादा रिक्टर स्केल पर भूकंप आने पर पूरी तबाही। कोई मैदान में खड़ा हो तो उसे धरती लहराते हुए दिखेगी। समंदर नजदीक हो तो सुनामी। भूकंप में रिक्टर पैमाने का हर स्केल पिछले स्केल के मुकाबले 10 गुना ज्यादा ताकतवर होता है।

भूकंप आने पर क्‍या करें, क्या न करें

  • भूकंप आने पर फौरन घर, स्कूल या दफ़्तर से निकलकर खुले मैदान में जाएं। बड़ी बिल्डिंग्स, पेड़ों, बिजली के खंबों आदि से दूर रहें।
  • बाहर जाने के लिए लिफ्ट की बजाय सीढ़ियों का इस्तेमाल करें।
  • कहीं फंस गए हों तो दौड़ें नहीं। इससे भूकंप का ज्यादा असर होगा।
  • भूकंप आने पर खिड़की, अलमारी, पंखे, ऊपर रखे भारी सामान से दूर हट जाएं ताकि इनके गिरने और शीशे टूटने से चोट न लगे।
  • अगर आप बाहर नहीं निकल पाते तो टेबल, बेड, डेस्क जैसे मजबूत फर्नीचर के नीचे घुस जाएं और उसके लेग्स कसकर पकड़ लें ताकि झटकों से वह खिसके नहीं।
  • कोई मजबूत चीज न हो, तो किसी मजबूत दीवार से सटकर शरीर के नाजुक हिस्से जैसे सिर, हाथ आदि को मोटी किताब या किसी मजबूत चीज़ से ढककर घुटने के बल टेक लगाकर बैठ जाएं।
  • खुलते-बंद होते दरवाजे के पास खड़े न हों, वरना चेाट लग सकती है।
  • गाड़ी में हैं तो बिल्डिंग, होर्डिंग्स, खंबों, फ्लाईओवर, पुल आदि से दूर सड़क के किनारे या खुले में गाड़ी रोक लें और भूकंप रुकने तक इंतजार करें।
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