नई दिल्ली: आईपीएल के विभिन्न सत्रों में कथित वित्तीय अनियमितताओं की व्यापक जांच के तहत प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) आईपीएल के पूर्व प्रमुख ललित मोदी और अन्य को विदेशी मुद्रा उल्लंघन के दर्जन भर मामलों में जुर्माने के अंतिम नोटिस जारी करने की तैयारी कर रहा है। अपनी धनशोधन जांच के तहत ललित मोदी के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की औपचारिक अधिसूचना का इंतजार कर रही ईडी मोदी के प्रत्यर्पण का दबाव बनाने के लिए गृह मंत्रालय एवं विदेश मंत्रालय से अनुरोध भी कर सकती है।
सूत्रों ने कहा कि विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के तहत ललित मोदी और अन्य के खिलाफ कुल 16 में से लगभग 11-12 मामलों में एजेंसी की जांच अंतिम चरण में है और अंतिम कारण बताओ नोटिस जल्दी ही जारी किए जाने की संभावना है। उन्होंने कहा कि फेमा के तहत इन मामलों में न्यायिक कार्यवाही को अंतिम रूप दिया जा रहा है क्योंकि आरोपियों और उनके वकीलों के बयान रिकॉर्ड किए जा चुके हैं। जबकि कुछ मामलों में ये पूरे होने वाले हैं।
फेमा के तहत आने वाले इन 16 मामलों में कथित उल्लंघन लगभग 1700 करोड़ रुपए के हैं। एजेंसी ने इस साल फरवरी में ललित मोदी, बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष एन श्रीनिवासन, आईपीएल के अन्य अधिकारियों और निजी मल्टी-मीडिया कंपनियों को फेमा के तहत 425 करोड़ रूपए का कारण बताओ नोटिस जारी किया था। यह नोटिस वर्ष 2009 में क्रिकेट के मीडिया अधिकार के अनुबंध से जुड़े मामले में विदेशी मुद्रा कानून के कथित उल्लंघन के लिए जारी किया गया था।
ललित मोदी और आईपीएल-बीसीसीआई में उनके सहायकों के खिलाफ जिन मामलों की जांच केंद्रीय एजेंसी द्वारा की जा रही है, वे मामले बहुत अधिक धन लगे टी-20 टूर्नामेंट के विभिन्न सत्रों से जुड़े हैं। ये सत्र ललित मोदी द्वारा आईपीएल के नेतृत्व के दौरान आयोजित हुए थे। इनमें विशेष तौर पर वर्ष 2009 में आईपीएल का दूसरा सत्र शामिल है। वर्षों से मोदी और उनके वकीलों का दल किसी भी गलत काम से इंकार करते आए हैं। ललित मोदी के खिलाफ ईडी के सबसे महत्वपूर्ण मामले की जांच धन शोधन रोकथाम कानून (पीएमएलए) के तहत की जा रही है। उनसे सवाल के लिए एजेंसी ने इंटरपोल से कहा है कि वह उनके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करे क्योंकि उनका अंतिम ज्ञात पता ब्रिटेन का ही है।