मुरैना, मध्य प्रदेश: एक ज़माने में पति के मरने पर पत्नी भी उसके साथ चिता पर सती हो जाया करती थी। इस तरह के क़िस्से आजकल भी कभी-कभी सुनने में आते हैं। लेकिन हाल ही में मध्य प्रदेश के मुरैना में सती होने का एक ऐसा क़िस्सा सामने आया है जिसे सुनकर आप दंग रह जाएंगे।
क़िस्सा ये है कि क़रीब 20-22 दिन पहले मुरैना में एक नागिन ने नाग की मौत के बाद उसकी चिता पर खुद को सती कर लिया।
स्थानीय लोगों के अनुसार करीब 20-22 दिन पहले एक नाग मर गया था। उसकी मौत से दुखी नागिन बिना कुछ खाए-पिए नाग के शव के पास बैठी रही। आख़िर एक दिन गांव वालों ने नाग का अंतिम संस्कार कर दिया लेकिन वे तब हैरान रह गए जब नागिन ने भी चिता के पास जान दे दी।
मुरैना की कमला बाई ने बताया कि जब नाग के शव को चिता पर जलाया जा रहा था नागिन भी वहीं आ गई और चिता के चक्कर काटने लगी और फिर अचानक फन पटककर प्राण त्याग दिए।
इसके बाद गांव की महिलाओं ने नागिन का सुहागिन स्त्री की तरह श्रृंगार किया और उसके शव को भी नाग की चिता में डाल दिया।
कहा जाता है ग्रामीणों ने इस नाग जोड़े की अस्थियां गंगा जी में प्रवाहित की और चढ़ावे के पैसे से भंडारे का आयोजन किया। ख़बर तो ये भी है कि चिता स्थल पर बाद में उनकी याद में चबूतरा बनवाया जाएगा।
क्या है क़िस्सा इस नाग जोड़े का
दरअसल, खेरिया में खेत में काम कर रहे एक युवक को एक दिन एक सांप का जोड़ा नज़र आया। बाकी लोगों के कहने पर युवक ने दोनों सांप को लाठियों से पीटकर मार दिया और उन्हें उठा कर दूर फेंक दिया।
अगले दिन युवक ने पाया कि जहां उसने सांप फेंके थे वहां एक सांप मरा हुआ है पर नागिन जिंदा है और वो मृत सांप के पास ही बैठी हुई है। घंटों तक नागिन ऐसे ही बैठी रही तो युवक ने ग्रामीणों को बताया।
बात फ़ैलते ही सांप के इस जोड़े को देखने के लिए लोगों का हुजूम लगना शुरू हो गया। उन्होंने सावधानी से दोनों सांपों को उठा कर पेड़ के नीचे रख दिया और उनकी पूजा शुरू कर पैसे चढ़ाना शुरू कर दिए।
लोगों ने बताया कि नागिन बहुत दिनों तक नाग के शव के पास ही बैठी रही। कुछ ग्रामीणों का मानना है कि ये नाग-नागिन पूर्व जन्म के पति-पत्नी होंगे इसलिए नागिन नाग को छोड़कर नहीं जा रही थी।