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कांग्रेस ने सरकार पर लगाया GDP के आंकड़ों में हेरफेर का आरोप, दिया बड़ा बयान

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Nov 30, 2020 04:34 pm IST,  Updated : Nov 30, 2020 04:34 pm IST

कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने सोमवार को आरोप लगाया कि चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर से जुड़े आंकड़ों में हेरफेर की गई ताकि अर्थव्यवस्था में सुधार की स्थिति दिखाई जा सके।

कांग्रेस ने सरकार पर लगाया GDP के आंकड़ों में हेरफेर का आरोप, दिया बड़ा बयान- India TV Hindi
कांग्रेस ने सरकार पर लगाया GDP के आंकड़ों में हेरफेर का आरोप, दिया बड़ा बयान Image Source : PTI

नई दिल्ली: कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने सोमवार को आरोप लगाया कि चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर से जुड़े आंकड़ों में हेरफेर की गई ताकि अर्थव्यवस्था में सुधार की स्थिति दिखाई जा सके। उन्होंने यह दावा भी किया कि पहली तिमाही में जिन सूचकों के आधार पर जीडीपी वृद्धि दर निर्धारित की गई थी, दूसरी तिमाही में उनके साथ कई अन्य सूचक भी जोड़ दिए गए। 

रकारी आंकड़े के मुताबिक, दूसरी तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर -7.5 फीसदी रही है। कांग्रेस नेता वल्लभ ने एक बयान जारी कर कहा, ‘‘जब पहली तिमाही में जीडीपी की वृद्धि दर के निर्धारण के लिए 17 सूचक थे, तो फिर दूसरी तिमाही में छह और सूचक क्यों जोड़े गए? इनमें से पांच ऐसे सूचक जोड़े गए जिनसे आंकड़ों में हेरफेर करके जीडीपी को बढ़ाया जा सके।’’ 

वल्लभ ने दावा किया, ‘‘अगर हम पहली तिमाही के सूचकों के आधार पर दूसरी तिमाही के जीडीपी वृद्धि दर को मापते हैं तो यह गिरावट -10 फीसदी या उससे भी ज्यादा होती। लेकिन, आंकड़ों में हेरफेर किया गया ताकि यह दिखाया जा सके कि अर्थव्यवस्था में सुधार हो रहा है।’’ 

उन्होंने कहा, ‘‘सरकार को आंकड़ों में हेरफेर करने की बजाय उपभोग को बढ़ाने पर जोर देना चाहिए जिससे बाजार में मांग बढ़े और रोजगार सृजन हो। इसी से देश का भला होगा।’’ बता दें कि घरेलू अर्थव्यवस्था आधिकारिक रूप से मंदी में प्रवेश कर गई है, हालांकि अर्थव्यवस्था में रिकवरी भी उम्मीद से तेज हो रही है। 

दूसरी तिमाही में देश की जीडीपी में 7.5 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई है। हालांकि, अलग-अलग संगठनों के अनुमानों में तिमाही के दौरान अर्थव्यवस्था में इससे तेज गिरावट का अनुमान दिया गया था। पहली तिमाही में अर्थव्यवस्था में 23.9 फीसदी की गिरावट देखने को मिली थी। 

लगातार दो तिमाही में निगेटिव ग्रोथ पर अर्थव्यवस्था को आधिकारिक रूप से मंदी में मान लिया जाता है। हालांकि, दूसरी तिमाही के आंकड़े अनुमानों से बेहतर होने पर रिकवरी की उम्मीदें बढ़ गई हैं।

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