TRAI जल्द ही TrueCaller जैसे कॉल मैनेजमेंट ऐप्स के डेटा शेयरिंग को लेकर सख्ती दिखा सकता है। टेलीकॉम रेगुलेटर TCCCPR यानी टेलीकॉम कमर्शियल कम्युनिकेशन कस्टमर प्रिफरेंस रेगुलेशन में बदलाव की तैयारी में है। इस नियम में अमेंडमेंट की पेशकश की गई है, जिसमें प्रोविजन है कि कॉल मैनेजमेंट ऐप्स को यूजर द्वारा रिपोर्ट किए गए स्पैम की जानकारी रेगुलेटर के साथ शेयर करनी होगी।
दूरसंचार नियामक ने पिछले दिनों कॉल मैनेजमेंट ऐप्स द्वारा 1600 और 140 नंबरों से शुरू होने वाले कॉल्स को स्पैम बताकर ब्लॉक किए जाने को लेकर स्पष्टीकरण भी जारी की है। इसके लिए रेगुलेटर ने पिछले दिनों MeitY से कॉल मैनेजमेंट ऐप्स Truecaller, Hiya और Whoscall के खिलाफ एक्शन लेने की मांग की थी।
कॉल मैनेजमेंट ऐप्स पर सख्ती की तैयारी
TRAI के इस फैसले पर TrueCaller के सीईओ रिशित झुनझुनवाला ने आलोचना भी की थी। अब ट्राई ने इसे लेकर स्पष्टीकरण जारी कर दिया है। नियामक ने कमर्शियल कम्युनिकेशन के लिए बनाए गए रेगुलेशन TCCCPR में बदलाव की तैयारी की है। इस अमेंडमेंट को जल्द ही सरकार फाइनलाइज कर सकती है। इसे लेकर पहले स्टेकहोल्डर्स से फीडबैक लिया जा रहा है।
फिलहाल कॉल मैनेजमेंट ऐप्स पर यूजर्स द्वारा स्पैम फ्लैग किए जाने वाले नंबरों का डेटा दूरसंचार नियामक के साथ शेयर नहीं किया जाता है। TCCCPR में इस नए अमेंडमेंट के बाद TrueCaller जैसे ऐप्स को यह डेटा TRAI के साथ शेयर करना पड़ेगा। इस डेटा में ऐप्स पर यूजर्स द्वारा फ्लैग किए गए नंबरों, रिसीव करने वाले यूजर्स और कॉल किए जाने के समय की भी डिटेल ट्राई के साथ शेयर करनी पड़ेगी।
TRAI का स्पष्टीकरण
TRAI ने पिछले दिनों अपने लेटेस्ट गाइडलाइन्स में स्पष्ट किया है कि 1600 सीरीज वाले फोन नंबर केवल बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विस और इंश्योरेंस कंपनियों के लिए हैं, जो भारतीय रिजर्व बैंक, सेबी (SEBI) और इंश्योरेंस रेगुलेटर IRDA द्वारा अधिकृत किए गए हैं। इस नंबर सीरीज को सरकार से सिटीजन के बीच कम्युनिकेशन के लिए रिजर्व किया गया है। ऐसे में इससे शुरू होने वाले नंबर को किसी भी प्लेटफॉर्म या ऐप द्वारा TCCCPR के तहत ब्लॉक नहीं किया जा सकता है।
इसमें यह भी कहा गया है कि 1600 से शुरू होने वाले नंबर को न तो फिल्टर किया जा सकता है और न हीं स्पैम कॉल में टैग किया जा सकता है। केवल 140 सीरीज से आने वाले कॉल्स को TRAI DND ऐप के जरिए ही ब्लॉक किया जा सकता है।
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