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माथे पर चिपकने वाले Temple डिवाइस की क्या होगी कीमत? हो गया खुलासा!

 Written By: Harshit Harsh @HarshitKHarsh
 Published : Jul 16, 2026 03:10 pm IST,  Updated : Jul 16, 2026 03:43 pm IST

जोमैटो के को-फाउंडर दीपेंदर गोयल के Temple डिवाइस की कीमत और लॉन्च से जुड़ी नई जानकारी सामने आई है। इस डिवाइस को खास तौर पर एथलिट्स के लिए डेवलप किया जा रहा है।

Tempel Device- India TV Hindi
टेम्पल डिवाइस Image Source : RAJ SHAMAMI/YOUTUBE

Zomato के को-फाउंडर दीपेंदर गोयल को कुछ समय पहले एक पॉडकास्ट में Temple डिवाइस पहने देखा गया था। इस डिवाइस को लेकर एक बार फिर से जानकारी सामने आई है। इस टेम्पल डिवाइस की कीमत और लॉन्च से जुड़ी डिटेल्स कंपनी के CEO ने शेयर की है। रिपोर्ट के मुताबिक, माथे और कान के बीच पहने जाने वाले इस डिवाइस को एक साल के अंदर लॉन्च किया जा सकता है। साथ ही, इसकी कीमत कितनी होगी इसका भी खुलासा किया गया है।

क्या है टेम्पल डिवाइस?

जोमैटो को-फाउंडर दीपेंदर गोयल ने जो टेम्पल डिवाइस पहना है उसे Continue Research नाम की कंपनी बना रही है। दीपेंदर गोयल ने इस प्रोजेक्ट में करीब 25 मिलियन डॉलर का निवेश किया है। इस Temple डिवाइस को खास तौर पर उन लोगों के लिए बनाया जा रहा है, जो अपने फिजिकल और मेंटल हेल्थ को गंभीरता से लेते हैं। आसान भाषा में कहा जाए तो इस डिवाइस को एथलिट्स, डॉक्टर, साइंटिस्ट आदि के लिए डेवलप किया जा रहा है।

इस डिवाइस को लेकर जो रिसर्च सामने आई है उसके मुताबिक, इसमें ऐसे हेल्थ मैट्रिक्स को मापने की क्षमता है, तो अन्य कोई भी वियरेबल डिवाइस नहीं माप सकते हैं। यह डिवाइस दिमाग के ब्लड फ्लो को मेजर कर सकता है। इसकी मदद से हेल्थ और एजिंग से जुड़े संकेत समझे जा सकेंगे।

यह डिवाइस माथे के पास आंख और कनपट्टी के बीच टेम्पल स्पेस में पहना जाता है, जिसकी वजह से इसे टेम्पल डिवाइस कहा जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस टेम्प्ल डिवाइस की कीमत 1 लाख रुपये के करीब हो सकती है। पहले इसे केवल 100 लोगों के लिए लॉन्च किया जाएगा। कंपनी इस डिवाइस के लिए खास तौर पर उन लोगों को चुनेगी, जो इसे लेकर अच्छा और जरूरी फीडबैक दे सकते हैं।

रिसर्च में दी जानकारी

जोमैटो को-फाउंडर ने पिछले साल नवंबर में इस डिवाइस के लोकर एक X पोस्ट किया था, जिसमें उन्होंने बताया, 'मैं इसे इटरनल के सीईओ के रूप में साझा नहीं कर रहा हूं, बल्कि एक इंसान के रूप में, एक अजीब सूत्र का पालन करने के लिए उत्सुक हूं। एक थ्रेड है, जिसे मैं अब अपने पास नहीं रख सकता।' यह एक ओपन सोर्स रिसर्च है, जिसे विज्ञान ने माना है। ग्रेविटी हाइपोथिसिस के बारे में दीपिंदर गोयल ने आगे कहा कि न्यूटन ने हमें यह शब्द दिया है।

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