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जौहर यूनिवर्सिटी का मामला कैसे खुला? 40 में से 38 भवनों पर क्यों लटकी बुलडोजर एक्शन की तलवार, पढ़ें Inside Story

 Reported By: Abhay Parashar Written By: Mangal Yadav
 Published : Jul 16, 2026 05:34 pm IST,  Updated : Jul 16, 2026 05:58 pm IST

आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी पर बुलडोजर की कार्रवाई की तलवार लटक रही है। यह मामला कैसे खुला और रामपुर प्राधिकरण के पास कैसे पहुंचा। इसके पीछे की वजह सामने आई है।

जौहर यूनिवर्सिटी  - India TV Hindi
जौहर यूनिवर्सिटी Image Source : REPORTER

रामपुरः रामपुर विकास प्राधिकरण ने सपा नेता आजम खान की मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी की 38 इमारतों को गिराने का आदेश जारी किया है। प्राधिकरण का कहना है कि ये इमारतें नक्शा पास कराए बिना बनाई गई थीं। रामपुर विकास प्राधिकरण के इस कदम की आलोचना हो रही है और आरोप लग रहा है कि संस्थान को जान-बूझकर निशाना बनाया जा रहा है, जिससे छात्रों पर बुरा असर पड़ सकता है। आजम खां की जौहर यूनिवर्सिटी में 38 भवनों पर ध्वस्तीकरण का जो आदेश हुआ है। ये मामला कैसे खुला। इसकी जानकारी हम आपको इस खबर में देंगे। 

ऑडिट के दौरान सामने आई बड़ी लापरवाही

दरअसल में लखनऊ में कोचिंग सेंटर में आग लगने के बाद रामपुर फायर विभाग ने कोचिंग सेंटर, इंस्टिट्यूट का ऑडिट करना शुरू किया। इसी क्रम में जब रामपुर की जौहर यूनिवर्सिटी में फायर विभाग ने जांच की तो इन 38 भवन का नक्शा ही यूनिवर्सिटी पेश नहीं कर पाई। फायर के लाइसेंस के लिए पहले बिल्डिंग का नक्शा चाहिए होता है। लिहाजा पता लगा बस 2 भवन का नक्शा पास कराया गया था। 38 भवन बिना नक्शे के बनाए गए थे।

इसपर रामपुर प्रसाशन ने फायर विभाग की शिकायत पर यूनिवर्सिटी को नोटिस जारी किया। 6 जुलाई को यूनिवर्सिटी ने लिखित जवाब दिया और कहा ये जमीन रामपुर अथॉरिटी डेवलपमेंट के अंडर में नहीं ग्राम पंचायत के अंडर में थी। इस पर प्रसाशन ने जवाब दिया 2024 से पहले ग्राम पंचायत थी। आपने 2 भवन का नक्शा पास कराया। लेकिन 38 भवनों का नहीं। इसके बाद 15 जुलाई को ध्वस्तीकरण का आदेश पारित किया गया कि या तो 15 दिन में खुद अवैध निर्माण गिराए वरना प्रसाशन कानूनी कार्रवाई करेगा। इसमें अब यूनिवर्सिटी प्रसाशन के पास कोर्ट में अपील करके स्टे लेने का ऑप्शन है।

फायर ऑफिसर ने किए कई चौंकाने वाले खुलासे

फायर ऑफिसर विजय कुमार सिंह ने इंडिया टीवी को दिए इंटरव्यू में कहा कि आग लगने जैसी इमरजेंसी जैसी कंडीशन में जौहर यूनिवर्सिटी में स्टूडेंट्स और स्टाफ की जिंदगी को खतरा है। जौहर यूनिवर्सिटी में जिन 38 भवन के पास नक्शा न होने के चलते इनके ध्वस्तीकरण का आदेश दिया गया है, ये फायर विभाग के ऑडिट के बाद आदेश दिया गया है। 

 रामपुर सीएफओ विजय कुमार सिंह के मुताबिक लखनऊ कोचिंग सेंटर में आग की घटना जिसने 15 स्टूडेंट्स की दुखद मौत हुई थी, हमने रामपुर में एजुकेशनल कॉलेज, इंस्टिट्यूट का निरीक्षण किया। इसी दौरान जौहर यूनिवर्सिटी का निरीक्षण किया गया। यहां पाया गया फायर सेफ्टी नॉर्म्स को फॉलो नही किया गया। अगर कोई आग से दुर्घटना होती है तो स्टूडेंट्स के लिए बहुत बड़ा रिस्क है। कुछ जगह अग्निशमन यंत्र हैं भी तो वर्किंग कंडीशन में नहीं हैं। 

यूनिवर्सिटी पर हो सकती है ये कार्रवाई

विजय कुमार सिंह ने कहा कि हमने 7 जुलाई को इमारतों के नक्शे की मांग की लेकिन यूनिवर्सिटी ने अब तक कोई दस्तावेज प्रोवाइडं नही करवाए। आज हमने फिर यूनिवर्सिटी को नोटिस दिया है। 7 दिन में जवाब दें, वरना फायर सेफ्टी नॉर्म्स के हिसाब से हम प्रशासन से कार्रवाई की मांग करेंगे। कुछ लाइसेंस फायर से 2012 में कुछ भवन के लिए लिए थे लेकिन वो अब मान्य नहीं है। इसमें बिजली, पानी बन्द करने के साथ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शामिल है।

जौहर यूनिवर्सिटी पर कार्रवाई की निंदा

जौहर यूनिवर्सिटी पर प्रशासन की कार्रवाई की सपा प्रमुख अखिलेश यादव और आजम खान के परिवार ने कड़ी निंदा की है। अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा को शिक्षा में भी साम्प्रदायिकता नज़र आती है। शिक्षा, शिक्षक, शिक्षार्थी और शिक्षा के बाद मिलनेवाली नौकरी भाजपा के एजेंडे में है ही नहीं। वहीं, आजम खान की पत्नी आज जौहर यूनिवर्सिटी पहुंची और वहां पर तैनात पुलिसकर्मियों पर भड़क गईं।

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