नई दिल्ली: आचार्य चाणक्य का कहना हैं कि अगर खान पान सही रखें तो आप कई बीमारियों से बचे रह सकते है। खाने में यदि ध्यान रखा जाए तो जीवन भर दवाओं के सेवन की जरूरत नहीं पढ़ेगी। आचार्य चाणक्य ने उस समय में कुछ ऐसी महत्वपूर्ण बातें बताईं है जो अगर आज भी अमल में लाई जाएं तो कई प्रकार के रोगों से बचा जा सकता है।
आचार्य के अनुसार हमारे शरीर के लिए खड़े अन्न से भी दस गुना अधिक बल उसके आटे में होता है। आटे से बनी रोटियां पचाने में हमारे पाचन तंत्र को अधिक सुविधा रहती है। इस कारण खड़े अन्न से अधिक उसके आटे से शरीर को ज्यादा ऊर्जा मिलती है जिससे व्यक्ति को दिनभर काम करने के लिए चुस्त बनाए रखता है।

आटे से दस गुना अधिक दूध में बल होता है
आचार्य चाणक्य के मुताबिक अन्न के आटे से भी दस गुना अधिक बल दूध में होता है। यदि हम नियमित रूप से दूध का सेवन करते है तो कई प्रकार के रोगों से बचे रहते हैं। दूध स्त्री और पुरुष, दोनों को समान रूप से लाभ पहुंचाता है। दूध में कई ऐसे तत्व होते हैं जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं।