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सैनिकों और संगठन के दबाव में सरकार, OROP पर फैसला संभव

 Written By: India TV News Desk
 Published : Sep 04, 2015 04:25 pm IST,  Updated : Sep 04, 2015 04:59 pm IST

नई दिल्ली: वन रैंक वन पेंशन के लिए काफी लंबे समय से मांग कर रहे सैन्य कर्मियों को राहत भरी खबर मिल सकती है। माना जा रहा है कि आरएसएस और पूर्व सैनिकों के आंदोलन

पूर्व सैनिकों को मिल...- India TV Hindi
पूर्व सैनिकों को मिल सकती है खुशखबरी, OROP संभव

नई दिल्ली: वन रैंक वन पेंशन के लिए काफी लंबे समय से मांग कर रहे सैन्य कर्मियों को राहत भरी खबर मिल सकती है। माना जा रहा है कि आरएसएस और पूर्व सैनिकों के आंदोलन के कारण सरकार जल्द ही इस मुद्दे पर कोई अहम फैसला सुना सकती है। गौरतलब है कि पूर्व सैनिक ओआरओपी के लिए बीते कई दिनों से जोरदार आंदोलन कर रहे हैं।

OROP से कितने लोग प्रभावित-

माना जा रहा है कि अगर सरकार OROP पर कोई अहम फैसला लेती है तो सीधे सीधे 24 लाख पूर्व सैनिकों को फायदा हो सकता है।

सैनिकों की पेंशन पर सालाना खर्च-

वर्तमान समय में सरकार सैनिकों की पेंशन पर करीब 54 हजार करोड़ के आसपास रकम खर्च करती है। अगर OROP लागू हो जाता है तो इसके 75 से 80 हजार करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है।

क्या है पेंच

पूर्व सैनिक सरकार
पूर्व सैनिक 2 साल मे पेंशन समीक्षा के लिए तैयार सरकार अभी तक हर साल पेंशन समीक्षा किए जाने पर अड़ी है
सरकार वन रैंक-वन पेंशन को एक जून 2014 से लागू करे तो भी पूर्व सैनिकों को ऐतराज नहीं सरकार एक जुलाई 2014 से इसे लागू करना चाहती है
पेंशन समीक्षा का बेस इयर 2015 रखा जाए सरकार 2013 को बेस इयर रखना चाहती है

आखिर क्या है OROP-

अलग-अलग समय पर रिटायर हुए एक ही रैंक के दो फौजियों को समान पेंशन देना।

फिलहाल क्या व्यवस्था-

रिटायर होने वाले लोगों को उनके रिटायरमेंट के समय के नियमों के हिसाब से पेंशन मिलती है।

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