इंदौर: सरकार ने जंतर मंतर पर धरना दे रहे पूर्व सैनिकों को हटाने के पुलिस के प्रयास पर खेद प्रकट करते हुए आज कहा कि वह पूर्व सैनिकों की शहादत का सम्मान करती है और इसीलिए उनके आंदोलन को जारी रखने के लिए विशेष अनुमति दी गयी। गृह राज्य मंत्री किरेन रिजीजू ने यहां संवाददाताओं से कहा, कोई खराब बात नहीं हुई लेकिन फिर भी हम अफसोस प्रकट करते हैं। जो कुछ हुआ, हमें बुरा लगा। जैसे ही पता चला, हमने पुलिस को तत्काल रोका । हम देश के प्रति उनकी शहादत का सम्मान करते हैं। उन्होंने पूर्व सैनिकों ने देश की सेवा की है इसीलिए हमने आंदोलन जारी रखने के लिए विशेष अनुमति दी ।
इससे पहले रिजीजू ने दिल्ली के पुलिस आयुक्त बी एस बस्सी से बात कर उन्हें आदेश दिया कि पूर्व सैनिकों को धरना स्थल से न हटाया जाए। हम संवेदनशील सरकार हैं। हमने स्थिति को नियंत्रण में कर लिया। मैंने पुलिस आयुक्त से कहा कि वह जंतर मंतर से पूर्व सैनिकों को न हटाये। उन्हें उनका आंदोलन जारी रखने दें। रिजीजू ने कहा कि आयुक्त ने सूचित किया कि स्वतंत्रता दिवस के मौके पर यह किया गया क्योंकि सभी जगहों को खाली कराना होता है और यह पुरानी परंपरा है ।
इससे पहले वन रैंक वन पेंशन :ओआरओपी: की मांग कर रहे प्रदर्शनकारी पूर्व सैनिकों के साथ पुलिस ने कथित तौर पर धक्का मुक्की की । स्वतंत्रता दिवस के मौके पर सुरक्षा कारणों से पुलिस उन्हें जंतर मंतर से हटाने आयी थी। पुलिस ने बताया कि स्थानीय निकाय नयी दिल्ली नगर पालिका परिषद एनडीएमएसी के आग्रह पर उसने जंतर मंतर पर धरने पर बैठे विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को हटाने की कोशिश की ।
शहीद की मां ने सरकार को वन रैंक वन पेशन की दिलाई याद-
कारगिल युद्ध के नौजवान शहीद कैप्टन विजयंत थापर की मां तृप्ता थापर ने एक रैंक, एक पेंशन को लेकर दिल्ली के जंतर..मंतर पर आंदोलन कर रहे पूर्व सैनिकों को समर्थन देते हुए आज कहा कि केंद्र की एनडीए सरकार को यह पुरानी मांग जल्द से जल्द पूरी करनी चाहिये। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कल आयोजित एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने यहां आयीं तृप्ता ने संवाददाताओं से कहा, पूर्व सैनिकों की एक रैंक, एक पेंशन की मांग पूरी तरह जायज है और इसे जल्द से जल्द पूरा किया जाना चाहिये।
उन्होंने कहा, पूर्व सैनिक अपनी इस मांग को लेकर पिछले 60 दिन से आंदोलन कर रहे हैं। लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। मुझे यह देखकर बड़ा दुख होता है कि पूर्व सैनिकों को भी अपनी मांग को लेकर सड़क पर उतरना पड़ा है।
तृप्ता ने कहा, भाजपा ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में वादा किया था कि एनडीए सरकार के सत्ता में आने पर वह एक रैंक, एक पेंशन की मांग 100 दिन में पूरी कर देगी। इस सरकार को सत्ता में आये 100 दिन कब से पूरे हो चुके हैंै।
उन्होंने एक सवाल पर कहा, मुझे इस बात पर गर्व है कि मैंने देश के लिये अपने 22 साल के बेटे को खोया है। लेकिन मुझे यह भी लगता है कि अगर फौज का अच्छी तरह ख्याल नहीं रखा जायेगा, तो भविष्य में लोग फौज में भर्ती होने नहीं आयेैंगे।