रतलाम: मध्य प्रदेश के रतलाम की दलित समुदाय का एक युवक जब बारात में घोड़ी पर बैठा, तो ‘अगड़ी’ जाति के लोगों को यह बात हजम नहीं हुई और बारात पर पत्थर बरसने लगे, इससे बचने के लिए दूल्हे को हेलमेट पहनना पड़ा।
दरअसल गांव के दबंगों ने दूल्हे को धमकी दी थी कि अगर वो घोड़े पर बैठा तो तो उसकी शादी नहीं होने दी जाएगी। नतीजा रतलाम जिले के नेगरुन गांव में उसकी बारात पुलिस के पहरे में निकली और दुल्हे को दबंगों के डर से सेहरे की जगह हेलमेट पहन कर घोड़े पर बैठना पड़ा।
दूल्हे का ये डर गलत नहीं निकला, बारात अभी कुछ दूर ही चली थी कि तभी गांव के दबंगों ने दलितों की इस बारात पर पथराव शुरु कर दिया। इस हमले में एक तहसीलदार के साथ-साथ बारातियों को भी चोटे आईं।
जवाब में पुलिस ने पथराव करने वालों दबंगों को घरों से निकाल-निकाल कर जमकर पीटा और एक बार फिर बारात निकली और उसके बाद शादी की रस्में पूरी की गईं।
इस गांव में 10 साल पहले भी सवर्णों और दलितों के बीच विवाद हुआ था जिसके बाद से ही यहां सवर्णों का दबदबा है।