मद्रास: एक आम इंसान के न्याय पाने की आस में कोर्ट जाने की खबरें आपने खूब पढ़ी होंगी, लेकिन इस अनोखे मामले में खुद एक जज को ही अदालत की शरण में जाना पड़ा है। दरअसल मद्रास हाई कोर्ट का एक जज अपने इलाके में हो रहे अतिक्रमण से इतना परेशान हो गया कि उसे खुद अदालत का सहारा लेना पड़ा।
जस्टिस ए. सेल्वम पुडुकोट्टई के करपगा नगर में रहते हैं। जहां पर रोड़ बनने का काम चल रहा है। जज ने इसके खिलाफ कोर्ट में केस दर्ज कराया, क्योंकि इलाके में अतिक्रमण के कारण रोड़ की चौड़ाई बहुत ही कम हो गई है। जज का कहना है कि अगर इस काम को जल्दबाजी में किया गया और चुनाव होने के बाद अगर इसे दुबारा बनाया गया, तो इससे सरकारी संपत्ति की बर्बादी होगी। उनका यह भी कहना है कि सड़क बनाने के काम से सभी अतिक्रमण हटाने चाहिए।
अदालत में तीन जजों की बेंच जज साहब की इस दलील से सहमत हुई और इसने यह स्वीकार किया कि इलाके में सच में अतिक्रमण है। एक सर्वे से पता चला है कि सड़क बनने के लिए चौड़ाई 30 फीट थी जो कि अतिक्रमण की वजह से केवल 12 फीट रह गई है। अदालत ने फैसला किया है कि चुनाव के बाद अतिक्रमण को हटा दिया जाएगा और फिर से सड़क बनाई जाएगी।