नई दिल्ली: तीन दिन के भारत दौरे पर आए फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच सोमवार को हाई लेवल मीटिंग के दौरान 36 लड़ाकू विमानों की खरीद पर दोनों देशों के बीच डील हो गई है। इसके बाद ओलांद और मोदी मेट्रो से गुड़गांव के ग्वालपहाड़ी पहुंचे। यहां ओलांद ने इंटरनेशनल सोलर एलायंस के सेक्रेट्रिएट की नींव रखी।
इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि पिछले एक साल से सारी दुनिया ग्लोबल वॉर्मिंग को कम करने के लिए चिंता जता रही है। लेकिन भारत, अमेरिका और फ्रांस ने इनोवेशन की तरफ कदम बढ़ाया है। मोदी ने कहा, 'किसी भी देश के विकास के लिए एनर्जी बेहद महत्वपूर्ण है। इन तीनों राष्ट्रों ने एनर्जी के ऐसे स्त्रोंतों की तलाश में प्रयास किए हैं जिससे पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे।'
पूरी तरह तैयार नहीं राफेल डील
भारत और फ्रांस ने आज 36 फ्रांसिसी लड़ाकू विमान राफेल की ब्रिकी के संबंध में अंतर सरकारी समझौते (IGA) पर हस्ताक्षर किए लेकिन इससे जुड़े कुछ वित्तीय आयामों के चलते अंतिम समझौते पर हस्ताक्षर नहीं हो सका। हालांकि उम्मीद है कि कुछ दिनों के भीतर इस मामले को सुलझा लिया जाएगा।
दोनों देशों के बीच हुए 14 समझौतों में राफेल का समझौता शामिल है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भारत की यात्रा पर आए फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद के बीच व्यापक एवं गहन विचार विमर्श के बाद ये समझौते हुए। इनमें आतंकवाद निरोधी, सुरक्षा एवं असैन्य परमाणु उर्जा में सहयोग को प्रमुखता दी गई है।
ओलांद के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में मोदी ने कहा, वित्तीय आयामों को छोड़ते हुए भारत और फ्रांस ने 36 लड़ाकू राफेल विमानों की खरीद के अंतर सरकारी समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। हमें उम्मीद है कि राफेल की खरीद से जुड़े वित्तीय आयामों को भी जितना जल्दी संभव होगा, सुलझा लिया जाएगा। आईजीए पर हस्ताक्षर को एक निर्णायक कदम बताते हुए फ्रांस के राष्ट्रपति ने कहा कि कुछ वित्तीय मुद्दे हैं जिन्हें कुछ दिनों के भीतर सुलझा लिया जायेगा।