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कोहली के पाक प्रशंसक को ध्वज लहराने पर सज़ा तो यहां राष्ट्रविरोधी नारे पर क्यों रहम...?

 Written By: Bhasha
 Published : Feb 15, 2016 01:49 pm IST,  Updated : Feb 15, 2016 01:49 pm IST

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय :जेएनयू: प्रकरण पर शिवसेना ने आज कहा कि विश्वविद्यालय के छात्रों के आंदोलन का समर्थन कर रहे तमाम राजनीतिग्यों का निर्वाचित दर्जा खत्म कर दिया जाए और भारत विरोधी नारे लगाने वालों को जेल की सलाखों के पीछे डाला जाए।

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मुंबई: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय :जेएनयू: प्रकरण पर शिवसेना ने आज कहा कि विश्वविद्यालय के छात्रों के आंदोलन का समर्थन कर रहे तमाम राजनीतिज्ञों का निर्वाचित दर्जा खत्म कर दिया जाए और भारत विरोधी नारे लगाने वालों को जेल की सलाखों के पीछे डाला जाए। शिवसेना ने विराट कोहली प्रकरण का जिक्र किया जिसके एक पाकिस्तानी प्रशंसक को भारतीय ध्वज लहराने पर पाकिस्तान में राष्ट्रविरोधी करार दिया गया था । शिवसेना ने कहा कि भारत के खिलाफ नारा लगाने वाले सभी लोगों को राष्ट्रविरोधी करार दिया जाए।

केन्द्र में सत्तारूढ़ राजग की सहयोगी पार्टी के मुखपत्र सामना में प्रकाशित एक संपादकीय में कहा गया, भारत के खिलाफ नारा लगाने वाले सभी लोगों को तुरंत सलाखों के पीछे डाला जाए। संपादकीय में आरोप लगाया गया, अब जेएनयू परिसर ना सिर्फ राष्ट्रविरोधियों का, बल्कि पाकिस्तानी और चीनी एजेंटों का गढ़ बन गया है जो सरकार के पैसे पर राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में संलिप्त हो रहे हैं। शिवसेना ने अपने मुखपत्र में कहा, अगर निर्वाचित प्रतिनिधि राष्ट्रविरोधियों की हिमायत में आगे आते हैं तो कानून में यह प्रावधान होना चाहिए कि ऐसे प्रतिनिधियों से उनका निर्वाचित दर्जा छीन लिया जाए। पाकिस्तानी आतंकवादियों से ज्यादा लोकतंत्र और स्वतंत्रता देश का गला घोंट रहे हैं।

शिवसेना ने यह भी कहा कि उन संस्थानों में सघन तलाशी अभियान चलाया जाना चाहिए जहां याकूब मेमन और अफजल गुरू जैसे आतंकवादियों के लिए प्रार्थनाएं की जा रही हैं। संपादकीय में कहा गया है, अगर विराट कोहली के किसी पाकिस्तानी प्रशंसक को भारतीय ध्वज लहराने पर उस देश में राष्ट्रविरोधी करार दिया जा सकता है तो फिर क्यों भारत विरोधी नारा लगाने वाले लोगों के साथ नरमी से पेश आया जाए। सरकार को सख्त कदम लेना है। शिवसेना ने कहा, अगर कोई :नाथूराम: गोडसे की जयंती या बरसी मनाता है तो संसद में हंगामा होता है। क्यों कांग्रेस हंगामा नहीं करती जब अफजल गुरू को उसकी बरसी पर याद किया जाता है।

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