नई दिल्ली: गुजरात में पटेल समुदाय को आरक्षण की मांग लेकर हार्दिक पटेल आज दिल्ली पहुंचे। दिल्ली में हार्दिक दस राज्यों के अध्यक्षों से मिले और आरक्षण के मुद्दे पर आगे की रणनीति तय की। हार्दिक पटेल को गुर्जरों का भी साथ मिला है। हालांकि हार्दिक ने किसी भी राजनीतिक पार्टी के समर्थन से साफ इनकार किया है। पटेल आरक्षण को लेकर कल मध्य प्रदेश में रैली होने वाली है। हार्दिक पटेल ने कहा कि उनकी आरक्षण की मांग जारी रहेगी और दूसरी राज्यों में भी ये आंदोलन जड़ जमाएगा। उन्होंने अपनी मांग के लिए हाईवे जाम करने की भी धमकी दी।
आरक्षण पर हाईवे ब्लॉक करने की दी धमकी-
पटेल समुदाय को आरक्षण का सपना दिखाकर सुर्खियों में आए हार्दिक पटेल आज दिल्ली में थे। ओबीसी कोटे में आरक्षण की मांग कर रही बाकी जातियों के नेताओं से मिले और एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की। हार्दिक की मंशा दिल्ली से लेकर अहमदाबाद तक अराजकता फैलाने की है। दिल्ली से आज उन्होनें धमकी दी की बाकी जातियों के संगठनों की मदद से वो हाईवे ब्लॉक कर सकते हैं।
दिल्ली में भी संगठन एकजुट है जरूरत पड़ती है दिल्ली से तो गुर्जर हमें समर्थन देंगे। जरूरत होगी तो हाई वे ब्लॉक करवा देंगे। खुद को लवकुश की संतान कहने वाले पटेल समुदाय आर्थिक रूप से मजबूत जाति मानी जाती है लेकिन हार्दिक ने इसे खारिज कर दिया और कहा कि पटेलों को आरक्षण की जरूरत है।
किसी भी पार्टी का समर्थन नहीं-
हार्दिक ने कहा हमें किसी भी पार्टी का समर्थन नहीं। पटेल युवाओं को आरक्षण की जरूरत है। पटेल समुदाय में 37 लाख लोग आते हैं। सबको इंजेक्शन लगा है। दर्द हो रहा है इसलिए सब बाहर आ रहे हैं।
माना जाता है कि रिजर्वेशन की सियासत में हार्दिक पटेल सिर्फ मोहरा हैं। उन्हें राजनीतिक ताकतों के जरिए चलाया जा रहा है। हार्दिक ने आज ये भी कहा कि वो राजनीति में कभी नहीं आएंगे। आरक्षण के मुद्दे पर हार्दिक पटेल भ्रम की स्थिति में भी नजर आए। उन्होंने कहा कि आरक्षण की वजह से देश पीछे चला गया।
25 अगस्त को पटेल सुमदाय की रैली के बाद बड़े पैमाने पर हुई हिंसा-
25 अगस्त को पटेल सुमदाय की रैली के बाद बड़े पैमाने पर हिंसा हुई थी। हार्दिक ने आरोप लगाया कि पुलिस ने बच्चों और महिलाओं के साथ ज्यादती की। गुजरात में हुई हिंसा पर आज नरेंद्र मोदी ने भी मन की बात कही। मोदी ने कहा कि गुजरात की जनता बहुत जल्द इस हिंसा से निपटने में कामयाब रही।
पिछले दिनों गुजरात की घटना ने, हिंसा के तांडव ने सारे देश को बेचैन कर दिया और स्वाभाविक भी है कि गांधी और सरदार की भूमि में कुछ भी हो जाए तो देश को सबसे पहले सदमा पहुंचता है लेकिन बहुत ही कम समय में गुजरात के प्रबुद्ध, मेरे भाई बहनों ने परिस्थितियों को संभाल लिया।
बहरहाल, गुजरात की हिंसा थम चुकी है। पटेलों की रैली के बाद बनी स्थितियों से प्रशासन और सरकार ने सबक लिया है। लेकिन हार्दिक पटेल के इरादे कुछ और नजर आ रहे है। वो आरक्षण की मांग को लेकर किसी भी हद तक जाने को तैयार नजर आते हैं।