नई दिल्ली: हम सभी जानते है कि भारत दुनिया में सबसे तेजी से उभरता हुए देश है, लेकिन तेजी से उभरते हुए इस देश की एक कटु सच्चाई यह भी है कि यहां कुछ चीजें अब भी जस की तस हैं। उनमें से एक देह व्यापार भी है। देश के कुछ हिस्सों में देह व्यापार पीढ़ियों से चला आ रहा है और अब तक अपनी जगह बनाए हुए है। भारत में अशिक्षा, गरीबी, कम उम्र में शादी और अंधविश्वास एवं तमाम परंपराओं के कारण देह व्यापार का धंधा अब तक अपने पांव पसारे हुए है।
सरकार अपनी तरफ से तमाम कोशिशें करती है तमाम शैक्षणिक संस्थान और एनजीओ भी अपने स्तर से कोशिशें करते ही रहते हैं लेकिन आज तक कुछ शहरों के न हालात बदले और न ही वहां रहने वाले लोगों की मानसिकता। आधुनिक युग में इस बात को पचा पाना बिल्कुल भी उचित नहीं है कि तेजी से उभरते हुए एक देश से जुड़ी एक कटु सच्चाई ऐसी भी है जिसे कोई भी जताना नहीं चाहता। लेकिन क्या करें सच्चाई यही है। जानिए भारत के किन स्थानों पर आज भी चलता है देह व्यापार का धंधा और यह धंधा यहां की आय का मुख्य साधन भी है।
कर्नाटक में अब भी हैं देवदासी-
भारत के दक्षिणी राज्य कर्नाटक में देवदासी उस लड़की को कहा जाता है जो पूरी तरह से मंदिर को समर्पित हो जाया करती थी। प्राचीन काल में ऐसी मान्यता थी जो भी व्यक्ति अपनी कन्या को मंदिर को दान करेगा वो सीधे विष्णु लोक पहुंच जाएगा। एक बार देवदासी बन जाने के बाद लड़की का पूरा जीवन मंदिर के लिए ही समर्पित हो जाता था। मंदिर में देवपूजन के साथ साथ वो नृत्य और भजन इत्यादि किया करती थीं। बाद में देवदासियां पंडों की संपत्ति बन गईं और उनका शारीरिक शोषण होने लगा। कई दशको तक इसके खिलाफ आवाज उठाई गई और इसे खत्म कर दिया गया लेकिन महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु और ओडिशा के मंदिरों अब भी देवदासी प्रथा प्रचलित है। 2005 की रिपोर्ट के अनुसार जगन्नाथपुरी में नृत्य करने के लिए देवदासी को 30 रुपए मिलते थे।
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