नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को स्वतंत्रता दिवस की 69वीं वर्षगांठ पर देश के स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति सम्मान जताया। मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से देश की जनता को संबोधित करते हुए कहा, "उन्होंने देश की गरिमा के लिए संघर्ष किया। उन्होंने अपनी पूरी जवानी जेलों में काट दी, उन्होंने अत्याचार सहे, लेकिन अपने संकल्प से नहीं हटे। मैं दिल की गहराई से उन महान स्वतंत्रता सेनानियों को सम्मान देता हूं।" प्रधानमंत्री के जनता को संबोधित करने के दौरान आज एक ऐसा रिकार्ड बन गया, जिस पर शुरू में किसी का ध्यान नहीं गया। दरअसल प्रधानमंत्री ने 86 मिनट 10 सेकेंड लंबा भाषण दिया, इससे पहले सबसे लंबा भाषण पंडित नेहरू ने 72 मिनट तक सन 1947 में दिया था।
इससे पहले मोदी ने कहा कि यह कोई आम सुबह नहीं है। उन्होंने कहा, "यह 125 करोड़ भारतीयों के संकल्प की सुबह है।"
जातिवाद, सांप्रदायिकता की निंदा की
मोदी ने जातिवाद एवं सांप्रदायिकता की निंदा करते हुये कहा कि भारत में इन बातों के लिए कोई स्थान नहीं है। मोदी ने कहा, "जातिवाद हो या सांप्रदायिका, देश में इन बातों के लिए कोई स्थान नहीं है। इनको किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।"
मोदी ने कहा, "यह 'टीम इंडिया' है, यह 125 करोड़ भारतीयों की टीम है। यही टीम राष्ट्र का निर्माण करती है और देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाती है।"
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भारत के हर कोने में एकता है
मोदी ने कहा कि भारत के हर कोने में एकता और हर भारतीय में सादगी दिखती है। उन्होंने कहा कि यही 'देश की ताकत' है। देश आज (शनिवार) स्वतंत्रता दिवस की 69वीं वर्षगांठ मना रहा है। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर लाल किले से देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा, "यदि भारत की एकता टूटती है, तो लोगों के सपने भी टूटेंगे।"
प्रधानमंत्री ने स्वतंत्रता संघर्ष में जीवन का बलिदान देने वाले महान स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति सम्मान जताया और उनको श्रद्धांजलि दी।
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यह कोई आम सुबह नहीं
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह कोई आम सुबह नहीं है। उन्होंने लाल किले से देश की जनता को संबोधित करते हुए कहा, "यह कोई आम सुबह नहीं है। यह 125 करोड़ भारतीयों के सपनों की आशा और आकांक्षाओं की सुबह है।"
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हम गरीबों के लिए बैंक के दरवाजे खोलना चाहते हैं
प्रधानमंत्री मोदी ने घोषणा की कि उन्होंने बैंको से आग्रह किया है कि गरीब लोगों को बैंक खाता खोलने दें, क्योंकि हम देश में वित्तीय समावेश को मजबूत बनाना चाहते हैं। मोदी ने कहा, "बैंकों के दवाजे गरीबों के लिए नहीं खुलते। हमने निश्चय किया है कि इसे खत्म करना होगा। हम वित्तीय समावेश को मजबूत करना चाहते हैं।"
उन्होंने कहा, "गरीबों को वित्तीय प्रणाली में शामिल करने के लिए जरूरी है कि बैंकों में उनके खाते हों।"
मोदी ने कहा, "देश में 17 करोड़ लोगों ने जनधन योजना के तहत बैंकों में खाते खुलवाए।"
उन्होंने कहा, "आखिरकार बैंक किनके लिए होते हैं, गरीबों के लिए।"
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भारत में विश्वास का नया माहौल बना है
प्रधानमंत्री कहा कि भारत में विश्वास का नया माहौल बना है। प्रधानमंत्री ने शनिवार को लाल किले से देश को संबोधित करते हुए कहा कि देश में प्रतिदिन की जनभागीदारी बढ़ी है।
उन्होंने कहा, "हमारी सभी परियोजनाएं गरीबों के कल्याण के लिए होनी चाहिए। कोई भी इंसान गरीब नहीं रहना चाहता। जो लोग गरीब हैं, वे गरीबी से ऊपर उठना चाहते हैं। इसलिए जरूरी है कि हमारे सभी कार्यक्रम और परियोजनाएं गरीबों के लिए हों।"
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