
26 साल बाद सेना का डॉग स्क्वाड दस्ता गणतंत्र दिवस की परेड में शामिल
BSF का 56 ऊंटों का दस्ता भी आज की परेड में शामिल किया गया। इस दस्ते ने 1965 और 1971 के युद्ध में अहम भूमिका निभाई थी। राजस्थान और गुजरात की सीमा पर ये दस्ता चौकस निगाहें रखता है। दस्ते का नेतृत्व डिप्टी कमांडेंट कुलदीप चौधरी ने किया। 26 साल बाद सेना का डॉग स्क्वाड भी रिपब्लिक डे परेड में शामिल हुआ। श्वान दस्ते का नेतृत्व कैप्टन अनुराग चंद्र ने किया। इस डॉग स्कवाड को बारूद, माइन पहचानने और पीछा करने की ट्रेनिंग दी जाती है। वहीं ग्वालियर लांसर की पोशाक में 51 घुड़सवारों का दस्ता भी आज राजपथ पर शान से गुजरा। कैप्टन अनंत राजपुरोहित ने इस दस्ते का नेतृत्व किया।
61 कैवलरी दुनिया में अपनी तरह का अकेला सक्रिय घुड़सवार दस्ता है जिसने युद्ध और खेल में अपनी बहादुरी का लोहा मनवाया है।
राजपथ पर महिला जवानों ने दिखाया दम
राजपथ की परेड में इस बार CRPF की महिला बटालियन ने महिला शक्ति का दमखम दिखाया। इस महिला बटालियन के मार्टिन दस्ते में 148 महिला जवान शामिल थी। दस्ते की कमान असिस्टेंट कमांडेंमट मीनाक्षी सिंह ने संभाली थी। NCC का महिला दस्ता भी परेड का हिस्सा बना। NCC कैडेट का बैंड भी परेड में शामिल किया गया। महिला दस्ते के अलावा डेयरडेविल्स ने भी परेड देखने आई जनता सहित सभी VVIP लोगों का मन जीत लिया।
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