नई दिल्ली: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में लंबे समय से स्थायी सदस्यता के लिए अपनी दावेदारी पेश कर रहे भारत को एक अहम कामयाबी हाथ लगी है। कामयाबी यह है कि 200 देश सुरक्षा परिषद में सदस्यों की संख्या बढ़ाए जाने और परिषद में सुधार को एक दस्तावेज तैयार करने को राजी हो गए हैं। आपको बता दें सुरक्षा परिषद में फिलहाल अमेरिका, फ्रांस, रुस, चीन और यूके शामिल है जबकि भारत परिषद का अस्थायी सदस्य है।
लिखित में जवाब देंगे सदस्य-
सुरक्षा परिषद के सभी सदस्य इस मुद्दे पर लिखित में अपने सुझाव देंगे। सुरक्षा परिषद में सदस्यों की संख्या बढ़ाए जाने के बारे में इन सभी को अपने विचार लिखने हैं। सभी के सुझाव पढ़ने के बाद ही यह तय होगा कि सुरक्षा परिषद में सदस्यों के बढ़ाए जाने के प्रस्ताव पर अगले एक साल के भीतर दस्तावेज तैयार होगा या नहीं।
भारत के सामने चीन मुश्किल चुनौती-
चीन नहीं चाहता है कि भारत सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य बने। हो सकता है कि चीन इस संबंध में वोटिंग की मांग कर दे। इस स्थिति में भारत को अन्य देशों का साथ चाहिए होगा। रूस और अमेरिका मौखिक तौर पर तो भारत का समर्थन करते दिख रहे हैं लेकिन उन्होंने लिखित रुप में अभी तक कुछ भी स्पष्ट नहीं किया है। अगर किसी सूरत में वोटिंग होती है तो बाकी सदस्यों को चीन और भारत में एक को चुनना होगा और ऐसा करना थोड़ा मुश्किल होगा। इसलिए इस सूरत में यह भी संभव है कि कुछ देश वोटिंग से किनारा कर लें।