ढाका: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता की दावेदारी की मजबूत पैरवी करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज हैरानी जताई कि विश्व की आबादी में छठा हिस्सा रखने वाले देश को आज तक भी विश्व की शक्तिशाली इकाई में उसका वह उचित स्थान नहीं मिला जिसका वह हकदार है।
बंगबंधु इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में अपने संबोधन में मोदी ने कहा कि भारत ने विश्व शांति में महत्वपूर्ण योगदान दिया है और उसे 21वीं सदी की सचाइयों को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता दी जानी चाहिए। मोदी ने कहा, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत को अभी भी जगह नहीं मिली है। क्या आप सोच सकते हैं कि विश्व की आबादी का छठा हिस्सा भारत में रहता है। विश्व में हर छठा व्यक्ति भारतीय है। शांति आदि के संबंध में उसे मजबूत आवाज रखने का अधिकार नहीं है। ये कैसी सोच है?
अपने एक घंटे से अधिक के भाषण में मोदी ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र को अवश्य यह अहसास होना चाहिए कि समय बदल गया है और उन्हें दुनिया को अलग तरह से देखने की जरूरत है। उन्होंने कहा, संराष्ट्र 70वीं वर्षगांठ मनाने जा रहा है। 70 साल का सफर कोई छोटी अवधि नहीं होती। प्रथम विश्व युद्ध और द्वितीय विश्वयुद्ध की छाया में संयुक्त राष्ट्र का जन्म हुआ था।
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