नई दिल्ली: पिछले साल की तरह इस बार भी कश्मीर के अलगाववादी संगठन हुर्रियत कांफ्रेंस के सवाल पर भारत और पाकिस्तान की NSA स्तर की बातचीत खटाई में पड़ती हुई दिख रही है।
भारत ने शुक्रवार को पाकिस्तान को स्पष्ट कर दिया कि उसे अपने NSA सरताज अजीत और हुर्रियत प्रतिनिधियों के बीच बैठक नहीं करनी चाहिए, वह भी तब जब अजीज अपने भारतीय समकक्ष अजीत डोभाल के साथ वार्ता करने आ रहे हैं। यह 'उचित' नहीं होगी।
इसे भारत की ओर से पाकिस्तान के सामने आगे की बातचीत के लिए शर्त के तौर पर देखा जा रहा है। पाकिस्तानी उच्चायोग को स्पष्ट संदेश देते हुए भारत ने कहा कि ऐसी बैठक रूस के उफा में आतंकवाद के खिलाफ मिलकर काम करने के संबंध में बनी समझ और भावना के अनुरूप नहीं होगी। इस बीच पाकिस्तान में नवाज शरीफ की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय मीटिंग के हवाल से कहा जा रहा है कि पाकिस्तान भारत की इस सलाह को नहीं मानेगा।
इस मीटिंग पाकिस्तानी इस्टैबलिशमेंट के तमाम बड़े लोग शामिल थे जिनमें सेना प्रमुख जनरल राहील शरीफ भी हैं। कुल मिलाकर NSA स्तर की बातचीत से पहले दोनों देशों के बीच टकराव की स्थिति बनती हुई दिख रही है। बीते बरस भी कुछ इसी तरह के हालात में पाकिस्तानी हाई कमिश्नर की ओर से हुर्रियत नेताओं को आमंत्रित करने के बाद भारत ने विदेश सचिव स्तर की वार्ता रद्द कर दी थी।
उल्लेखनीय है कि इस बार भी पाकिस्तानी उच्चायोग ने कश्मीर के कट्टरपंथी नेता सैयद अली शाह गिलानी और अन्य अलगववादी नेताओं को आमंत्रित किया है। उधर, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने एक ट्विट में कहा, 'भारत ने कल पाकिस्तान को सुझाव दिया कि भारत में हुर्रियत के प्रनिधियों के साथ सरताज अजीज की बैठक उचित नहीं होगी।'
उन्होंने ट्विट किया कि भारत ने NSA स्तरीय वार्ता के लिए प्रस्तावित अजेंडे की पुष्टि के बारे में भी जानकारी मांगी है जिसे पाकिस्तानी पक्ष को 18 अगस्त को बता दिया गया था। भारत और पाकिस्तान के NSA के बीच आतंकवाद से जुड़े विषयों पर वार्ता के लिए पहली बार हो रही बैठक 23 अगस्त को निर्धारित है। इसके बारे में रूस के उफा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके पाकिस्तानी समकक्ष नवाज शरीफ के बीच बैठक के दौरान सहमति बनी थी।
इससे पहले भारत के कड़े विरोध के बावजूद पाकिस्तान ने गुरुवार को कहा कि जब राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार सरताज अजीज अपने भारतीय समकक्ष अजीत डोभाल से बातचीत के लिए आगामी रविवार को नई दिल्ली जाएंगे तो कश्मीरी अलगाववादियों से संपर्क किया जाएगा और भारत के साथ वार्ता में कश्मीर सहित सभी मुद्दों को उठाया जाएगा।
अलगाववादी नेताओं को पाकिस्तानी उच्चायुक्त के निमंत्रण के बाद भारत की ओर से कई विकल्पों पर विचार करने के बीच इस्लामाबाद ने कहा है कि कश्मीर के अलगाववादियों के साथ विचार-विमर्श करना एक नियमित प्रक्रिया और लंबे समय चला आ रहा चलन है।