नई दिल्ली: भारत ने पाकिस्तान पर डिप्लोमेसी के जरिए कारपेट बॉम्बिंग की। पाकिस्तान में 30 सितंबर से 8 अक्टूबर तक होने वाली Commonwealth Parliamentary Association conference में भारत हिस्सा नहीं लेगा। भारत सहित पांच देशों ने भी भारत के इस फैसले को सपोर्ट किया है जिसमें ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, श्रीलंका और बांग्लादेश भी पाकिस्तान में होने वाली कांफ्रेंस का बहिष्कार कर सकते है।
ऑस्ट्रेलिया ने चिठ्ठी लिख पाकिस्तान से कांफ्रेंस की मेजबानी छीनने को कहा-
ऑस्ट्रेलिया ने तो CPA को चिट्ठी लिखी है जिसमें कहा है कि पाकिस्तान से कांफ्रेंस की मेजबानी का हक छीन लेना चाहिए। इस्लामाबाद में 30 सितंबर से आठ अक्टूबर तक Commonwealth Parliamentary Association की कॉन्फ्रेंस होनी है।लेकिन पाकिस्तान ने इसके लिए जम्मू कश्मीर एसेम्बली के स्पीकर को इनवाइट करने से इनकार कर दिया है। पाकिस्तान ने जम्मू कश्मीर को डिसप्यूटेड इलाका बताकर एसेम्बली के स्पीकर कविंद्र गुप्ता को न्योता नहीं भेजा लेकिन भारत के अन्य सभी राज्यों और संसद के स्पीकर को न्योता भेजा गया है। आज लोकसभा की स्पीकर सुमित्रा महाजन ने देश के सभी राज्यों के विधानसभा अध्यक्षों से मुलाकात की। सभी की एक राय थी कि अगर पाकिस्तान ने जम्मू कश्मीर एसेम्बली के स्पीकर को नहीं बुलाया तो भारत की तरफ से कोई भी इस बैठक में शामिल नहीं होगा।
CPA की हुई आपात बैठक, 31 राज्य इकाइयां शामिल हुई-
आज CPA की भारतीय शाखा की आपात बैठक हुई। इसमें CPA की भारतीय शाखा की संघीय और 31 राज्य इकाइयां शामिल हुईं। इस मीटिंग में CPA कार्यकारी समिति के अध्यक्ष से बात की गई। उन्हें कहा गया कि जम्मू कश्मीर विधानसभा अध्यक्ष को न्योता देने का मसला जल्द सुलझाया जाए और CPA की जम्मू कश्मीर शाखा को निमंत्रण जारी किया जाए। अगर ऐसा नहीं हुआ तो भारत इस सम्मेलन का बहिष्कार करेगा। ये भी मांग की गई है कि पाकिस्तान से इस सम्मेलन के आयोजन की मेजबानी वापस ले ली जाए और इसे किसी दूसरे देश में आयोजित किया जाए।
CPA कार्यकारी समिति के अध्यक्ष ने भी माना जम्मू-कश्मीर विधानसभा को न्यौता ना दिया जाना है गलत-
मार्च 2007 में इस्लामाबाद में जब तीसरी CPA मीटिंग हुई थी तो पाकिस्तान की CPA ब्रांच की तरफ से जम्मू-कश्मीर विधानसभा को न्यौता दिया गया था और जम्मू कश्मीर के तीन सदस्यों के प्रतिनिधिमंडल ने इसमें शिरकत भी की थी। पाकिस्तान का 61वीं CPA कॉन्फ्रेंस के लिए जम्मू कश्मीर विधानसभा को न्योता ना देना एकतरफा फैसला है। इससे CPA के संविधान का उल्लंघन होता है। इस बात को CPA सचिवालय और कार्यकारी समिति के अध्यक्ष ने भी माना है।
ऐसी ख़बरे है कि पाकिस्तान सरकार और पाकिस्तानी आर्मी के प्रेशर में आकर वहां की संसद के स्पीकर ने जम्मू-कश्मीर विधानसभा के स्पीकर को न्योता न भेजने का फैसला किया। पाकिस्तान को आज लोकसभा के स्पीकर सुमित्रा महाजन ने दो टूक शब्दों में जवाब दिया।
पाकिस्तान को आतंकवादी देश घोषित कर देना चाहिए-
जम्मू कश्मीर एसेम्बली के स्पीकर कविंद्र गुप्ता ने भी पाकिस्तान के रूख पर नाराजगी जाहिर की उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में जिस तरह के हालात हैं। उन्हें देखते हुए पाकिस्तान को आतंकवादी देश घोषित कर देना चाहिए। उन्होंने दूसरे कॉमनवैल्थ कंट्रीज से भी इस कॉन्फ्रैस में शामिल न होने की अपील की।
रूस के उफा में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और पाकिस्तान के पीएम नवाज शरीफ ने हाथ मिलाकर फैसला किया था कि दोनो मुल्क अब बातचीत के रास्ते पर आगे बढेंगे। लेकिन सीमा पर पाकिस्तानी हमलों में आई तेजी और commonwealth मीटिंग को लेकर पाकिस्तान के रवैये से साफ हो गया है कि वहां की आर्मी नवाज शरीफ की विदेश नीति पर हावी है। इसी महीने दोनो मुल्कों के national security advisers की मीटिंग होने वाली है, लेकिन पाकिस्तान के रुख से साफ नजर आ रहा है कि वहां के हुक्मरान अमन नहीं चाहते।