नई दिल्ली: साल 1839 में फ्रांसिसी वैज्ञानिक जोसफ निकफोर (निफोरे) और लुईस डाग्युरे की पहली फोटो से शुरु हुआ फोटोग्राफी का जुनून तकनीक की शक्ल में नित नए नए आयाम को छूता रहा और आज हालात यह है कि अब हर हाथ में कैमरा है फोटो खींचने का जुनून अब पागलपन की शक्ल अख्तियार कर चुका है। जमीं से चांद की फोटों खींचने के दौर से लेकर चांद पर सेल्फी लेने का जुनून हर किसी में दिख जाता है बस बहाना मिलने भर की देर होती है।
वर्ल्ड फोटोग्राफी डे 19 अगस्त को ही क्यों- दरअसल 19 अगस्त, 1839 को फ्रेंच अकादमी ऑफ साइंस ने डाग्यु रियोटाईप नाम की एक फोटोग्राफी प्रक्रिया को दुनिया से रूबरू करवाया था। इसी वजह से 19 अगस्त से ही 'वर्ल्ड फोटोग्राफी डे' मनाने की भी शुरुआत हो गई। आज विश्व फोटोग्राफी दिवस पर हम आपको अतुल्य भारत की कुछ ऐसी चुनिंदा तस्वीरें दिखाएंगे जिन्हें देखकर आप कह उठेंगे वाह क्या बात है।
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