हैदराबाद: संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने आतंकी समूह आईएसआईएस के लिए कथित तौर पर भर्ती कराने में शामिल एक भारतीय महिला को आज निर्वासित कर दिया जिसके बाद उसे यहां गिरफ्तार कर लिया गया। अधिकारियों ने बताया कि 37 साल की अफ्शा जबीन उर्फ ‘निकी जोसफ’ हैदराबाद की रहने वाली है लेकिन वह सोशल मीडिया की मदद से युवाओं को आईएसआईएस में शामिल होने के लिए लुभाने के लिए खुद को ब्रिटिश नागरिक बताती थी। उसे उसके पति और बच्चों के साथ निर्वासित कर दिया गया।
अफ्शा को अबु धाबी में पकड़ा गया और शुरुआती पूछताछ के बाद उसे हैदराबाद निर्वासित कर दिया गया। हैदराबाद के हवाईअड्डे पर पहुंचते ही उसे पुलिस ने हिरासत में ले लिया और उससे पूछताछ की।
इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया और उसके खिलाफ एक मामला दर्ज किया। पुलिस ने यहां एक संक्षिप्त प्रेस विज्ञप्ति में कहा है कि आज विश्वसनीय सूचना के आधार पर दुबई से यहां के राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचने के साथ ही अफ्शा जबीन को हिरासत में ले लिया गया।
वह सलमान के मामले में सहआरोपी है, उसे गिरफ्तार करने के बाद अदालत में पेश किया गया और मामले की जांच की जा रही है। हैदराबाद के रहने वाले सलमान मोहिउद्दीन को इस साल हवाईअड्डे पर गिरफ्तार किया गया था। वह तब तुर्की के रास्ते सीरिया जाने के लिए दुबई की उड़ान में सवार होने की तैयारी कर रहा था।
सलमान की गिरफ्तारी के बाद अफ्शा भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की जांच के घेरे में आ गयी थी क्योंकि सलमान ने पूछताछ के दौरान कथित रूप से कबूल किया था कि उसने दुबई में रहने वाली ‘निकी जोसफ’ नाम की एक ब्रिटिश नागरिक के साथ मिलकर कई फेसबुक खाते बनाए थे।
सलमान ने कहा था कि अफ्शा ने उसे प्रभावित किया था और सीरिया जाने के लिए उसे दुबई में अपने पास आने के लिए कहा था। भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने अपने ब्रिटिश समकक्षों को सलमान के दावों की जानकारी दी लेकिन गहन जांच में अफ्शा के भारतीय नागरिक होने का पता चला।
बाद में पता चला कि अफ्शा यूएई में कहीं रह रही है जिसके बाद वहां के अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गयी। अधिकारियों के अनुसार सलमान और अफ्शा दोनों ने कथित रूप से सोशल मीडिया के माध्यम से कई युवाओं को आईएसआईएस की गतिविधियों और जेहाद के प्रति लुभाने के लिए प्रभावित किया था।